जामिया मिल्लिया से सत्यापन में हुई पुष्टि
गजराज सिंह दो साल प्रोबेशन पर रहा। इसके बाद उसे स्थायी नियुक्ति मिल गई। ऐसे में सवाल उठने लगे कि आखिर सिविल की कोई डिग्री न होने के बाद भी उसे कैसे सहायक अभियंता सिविल बना दिया गया। यदि उसके पास सिविल की डिग्री थी तो इलेक्ट्रिकल में कैसे नियुक्त हुआ। इसकी शिकायत हुई तो संस्थान के संयुक्त कुलसचिव ने उसकी डिप्लोमा और बीटेक की डिग्री का सत्यापन कराने के लिए मई 2022 में जामिया मिल्लिया इस्लामिया को पत्र लिखा।
संस्थान की ओर से बताया गया कि गजराज सिंह की बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग इलेक्ट्रिकल और डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग इलेक्ट्रिकल की डिग्रियां फर्जी हैं। ट्रिपलआईटी के कार्यवाहक निदेशक प्रोफेसर आरएस वर्मा का कहना है कि संबंधित अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस का जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर इस मामले में फोन पर गजराज सिंह का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उससे संपर्क नहीं हो सका।