मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद मामले में कौशल किशोर कृष्ण लला के निकट मित्र बने रहेंगे। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाद संख्या-7 (श्रीभगवान श्रीकृष्ण लला विराजमान) में कृष्ण लला के निकट मित्र के रूप में कौशल किशोर को हटाने की मांग को लेकर दायर अर्जी खारिज कर दी है। वहीं, वाद संख्या-4 में प्रतिनिधि वाद बनाए जाने को लेकर दाखिल अर्जी पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए अगली तिथि 9 अक्तूबर नियत कर दी है।
जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्र की एकल पीठ ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया। कौशिल किशोर को हटाने के पक्ष में यह दलील दी गई थी कि वह नए-नए प्रार्थना पत्र दाखिल कर वाद को खराब कर रहे हैं। कौशल किशोर के वकील ने दलील दी कि वह वैध तरीके से कृष्ण लला के मित्र हैं। उन्हें केस से हटाना संभव नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने शुक्रवार को अर्जी खारिज कर दी।
वाद संख्या-4 (श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट मथुरा) में वादी आशुतोष पांडेय की ओर से दाखिल प्रतिनिधि वाद बनाए जाने की अर्जी पर बहस हुई। उन्होंने वाद चार को प्रतिनिधि वाद बनाए जाने की मांग की। वाद संख्या 7 की ओर से वकील अनिल सिंह ने दलील दी कि प्रतिनिधि वाद वहां लागू होता है, जहां वाद एक हो।
एक विषय से संबंधित तमाम वाद होने पर उन्हें एकीकृत कर सभी साक्ष्यों के आधार पर निर्णय होना चाहिए। वाद संख्या-3 और 13 में हिंदू पक्षकार के वकील महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि उन्होंने पहले मामला दायर किया था, इसलिए उनके मामले को प्राथमिकता से सुना जाना चाहिए। प्रतिनिधि वाद शूट नंबर-17 के अधिवक्ता अजय सिंह ने कहा कि प्रतिनिधि वाद पर पहले ही फैसला आ चुका है, ऐसे में यह अर्जी सुनने योग्य नहीं है।