वायुसेना ने प्रयागराज एयरपोर्ट को अधिक सक्षम बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। एयरपोर्ट के मौजूदा 2700 मीटर लंबे रनवे को 600 मीटर बढ़ाया जा रहा है। इस विस्तार का मुख्य उद्देश्य आगामी महाकुंभ 2031 के दौरान बढ़ने वाले हवाई यातायात को सुचारु रूप से संभालना है। यह विस्तार बड़े विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ को आसान बनाएगा।
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इससे बोइंग और अन्य भारी-भरकम विमानों के संचालन में आने वाली बाधाएं समाप्त हो जाएंगी। अभी तक इस एयरपोर्ट से मुख्य रूप से एयरबस 320 और एटीआर जैसे विमानों का ही संचालन होता था। रनवे के विस्तार से देश-विदेश के बड़े विमानों के लिए भी प्रयागराज के द्वार खुलेंगे। वर्ष 2025 के महाकुंभ के दौरान हवाई यात्रा का लाभ उठाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अधिक थी। इसे देखते हुए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अभी से सतर्क हो गई हैं।
भविष्य की जरूरतें
विशेषज्ञों के अनुसार, रनवे की लंबाई बढ़ने से बड़े विमानों को उतरने में आसानी होगी। इससे विमानों को मोड़ने, रनवे खाली करने और टैक्सी करने की प्रक्रिया सुगम हो जाएगी। रनवे पर विमानों का आवागमन अधिक सहज होगा। व्यस्ततम समय में भी उड़ानों के संचालन में रुकावट नहीं आएगी। एयरपोर्ट के निदेशक गणेश यादव ने इस विस्तार को आगामी महाकुंभ और भविष्य की जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण बताया है।