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दिवाली पर सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा कटरा, सबसे कम जानसेनगंज

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दीपावली के पटाखों ने तीन गुना बढ़ाया शहर का वायु प्रदूषण
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झूंसी। दीपावली पर हुई आतिशबाजी ने शहर की आबोहवा में जहर घोल दिया। पटाखों से निकलने वाले धुएं के कारण वायु प्रदूषण तकरीबन तीन गुना बढ़ गया। रविवार की रात वायु प्रदूषण का सूचकांक इस सीजन में सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। प्रदूषण की मापक इकाई पीएम 10 का घनत्व सबसे ज्यादा कटरा इलाके में 366 एक्यूआई (एमबीएंट एयर क्वालिटी) दर्ज किया गया। पिछले साल दीपावली वाले दिन सबसे ज्यादा पीएम 10 आलोपीबाग इलाके में दर्ज किया गया था। हवा में सल्फर, नाइट्रोजन और कार्बन गैस की मात्रा भी पहले से ज्यादा रही।
गौर करने वाली बात यह है कि इस बार कई तरह के पटाखों की बिक्री तथा उनके बजाने पर रोक रही। इसके अलावा जागरूकता अभियान चलाने के भी दावे किए जा रहे हैं। इसके बावजूद पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अधिक प्रदूषण दर्ज किया गया है। पिछले वर्ष दीपावली की रात अधिकतम वायु प्रदूषण सूचकांक 345 माइक्रोग्राम था। वहीं इस बार दो ऐसे स्थान रहे जहां पिछले वर्ष का रिकार्ड भी पीछे छूट गया।
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रात दस बजे के बाद भी बजते रहे पटाखे
रात 10 बजे के बाद पटाखा बजाने पर रोक रही। इसके विपरीत आधी रात के बाद भी पटाखों का शोर गूंजता रहा। धुएं के कारण लोगों का सांस लेना दूभर हो गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार दीपावली की रात आठ बजे के बाद अचानक प्रदूषण स्तर ने छलांग लगाई। सोमवार की दोपहर में आंकड़ा कुछ कम हुआ, लेकिन शाम को हालात पहले जैसे हो गए। झूंसी स्थित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से एमएनआईटी के सहयोग से शहर में पांच जगहों पर वायु प्रदूषण का मापन कराया गया।
शहर में लक्ष्मी टाकीज, भारत यंत्र निगम लिमिटेड अशोक नगर, सीवेज पंपिंग स्टेशन अलोपीबाग, क्वापरेटिव बैंक जानसेनगंज तथा पराग डेयरी रामबाग में वायु प्रदूषण को मापने को यंत्र लगाए गए हैं। दीपावली वाले दिन कटरा में पीएम 10 का स्तर 366 माइक्रोग्राम दर्ज किया गया। वायु प्रदूषण बढ़ाने में दूसरे स्थान पर रामबाग का इलाका रहा। यहां पीएम 10 का स्तर 342 माइक्रोग्राम रहा। इसी प्रकार भारत यंत्र निगम लिमिटेड अशोक नगर में 321, आलोपीबाग में 301.74 तथा जानसेनगंज में पीएम 10 का स्तर 274 माइक्रोग्राम दर्ज किया गया। इस तरह से पीएम 10 सभी जगहों पर अपने स्तर से तकरीबन दो से तीन गुना ज्यादा दर्ज किया गया।
साइलेंस जोन में भी धमाके
झूंसी। साइलेंस जोन में भी दीपावली वाले दिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का प्रतिबंध नाकाफी रहा। भारत यंत्र निगम लिमिटेड अशोक नगर में पीएम 10 सामान्य दिनों की अपेक्षा दो गुना रहा। जबकि, यह साइलेंस जोन है।
वायु प्रदूषण का स्तर इस दीवाली पर वायु प्रदूषण का स्तर 2018 की दीवाली पर
कटरा लक्ष्मी टाकीज 366 225 एक्यूआई
भारत यंत्र निगम लिमिटेड 321 217 एक्यूआई
क्वापरेटिव बैंक जानसेनगंज 274 314 एक्यूआई
अलोपीबाग पंपिंग स्टेशन 301 345 एक्यूआई
पराग डेयरी रामबाग 342 320 एक्यूआई
वायु गुणवत्ता के ये हैं मानक
0 से 50 वायु गुणवत्ता सूचकांक अच्छा
51 से 100 वायु गुणवत्ता सूचकांक संतोषजनक
101 से 200 वायु गुणवत्ता सूचकांक मध्यम
201 से 300 वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब
301 से 400 वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद खराब
401 से ऊपर वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर
बढ़े हुए वायु प्रदूषण का कारण केवल सिर्फ तेज आवाज वाले पटाखे ही नहीं है। धुंए वाले पटाखों के बजाने से वायु प्रदूषण बढ़ा है। पीएम 10 सूक्ष्म कणों से भी बढ़ने वाले वायु प्रदूषण को खींच लेता है। कोर्ट और सरकार की सख्ती के साथ लोगों में भी जागरूकता आई है। इस वजह से ध्वनि प्रदूषण पिछले साल की अपेक्षा इस दीवाली कम रहा।
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क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जेबी सिंह
धमाकों वाले पटाखों का उपयोग कम होने से ठीक रहा ध्वनि प्रदूषण
झूंसी। इस बार ध्वनि प्रदूषण से लोगों ने राहत महसूस की। कोर्ट और सरकार की सख्ती तथा लोगों में आई जागरूकता का असर रहा कि दीपावली पर ध्वनि प्रदूषण में अपेक्षाकृत कम वृद्धि दर्ज की गई। दीपावली वाले दिन आवासीय क्षेत्र मम्मफोर्डगंज में ध्वनि प्रदूषण 57 डेसीबल, नई झूंसी में 56 तथा अल्लापुर में 59 डेसीबल दर्ज किया गया जो कि सामान्य दिनों से सात से नौ प्वाइंट ज्यादा है। इसी प्रकार वाणिज्य क्षेत्र सिविल लाइंस और तेलीयरगंज बाजार में ध्वनि प्रदूषण 67 डेसीबल दर्ज किया गया। जानसेनगंज चौराहे पर 68, घंटाघर चौक में 69, रेलवे स्टेशन 70 तथा कटरा में 63 डेसीबल ध्वनि प्रदूषण रहा। शांत क्षेत्र इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पास ध्वनि प्रदूषण 53 डेसीबल रिकार्ड किया गया। इसकी सामान्य स्थिति अन्य दिनों में 40 से 65 तथा दीपावली वाले दिन 53 से 70 डेसीबल रखी गई थी।
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