एयरफोर्स विंग कमांडर की संदिग्ध हालत में गोली लगने से मौत
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एयरफोर्स स्टेशन बम्हरौली में रहने वाले विंग कमांडर की संदिग्ध हालत में गोली लगने से मौत हो गई। उनकी खून से लथपथ लाश बरामदे में चारपाई पर पड़ी मिली। पास में ही दोनाली बंदूक भी पड़ी थी। पुलिस आत्महत्या की भी आशंका जता रही है। फिलहाल शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर पुलिस जांच पड़ताल में जुटी है।
पुलिस के मुताबिक, विंग कमांडर अरविंद सिन्हा (40) पुत्र अशोक कुमार सिन्हा मूल रूप से राजेंद्रनगर, पटना के रहने वाले थे। वह बम्हरौली एयरफोर्स स्टेशन में करीब साल भर पहले तैनात हुए थे। यहां वह पत्नी पूजा व दो बच्चों अक्षय व अर्जुन के साथ रहते थे। मंगलवार सुबह आठ बजे के करीब पत्नी सो रही थीं जबकि बच्चे अपने कमरे में थे। इसी दौरान अचानक बरामदे में संदिग्ध हालात में गोली लगने से अरविंद की मौत हो गई। फायरिंग की आवाज सुनकर घरवाले पहुंचे तो उनकी खून से लथपथ लाश चारपाई पर पड़ी मिली।
पास में ही उनकी लाइसेंसी दोनाली बंदूक पड़ी थी। गोली गर्दन के निचले हिस्से पर लगी थी। पति की लाश देखकर पूजा व उनके बच्चे बिलखने लगे। जानकारी पर एयरफोर्स के अफसर पहुंच गए। सूचना पर पुलिस भी पहुंची। जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस की मानें तो इस बात की भी आशंका है कि विंग कमांडर ने आत्महत्या की हो। हालांकि, फिलहाल ऐसी कोई वजह सामने नहीं आई है। न ही कोई सुसाइड नोट मिला है। इंस्पेक्टर धूमनगंज संदीप मिश्रा का कहना है कि जांच पड़ताल की जा रही है।
संगीत के थे शौकीन, साथी स्तब्ध
विंग कमांडर अरविंद संगीत के बेहद शौकीन थे। उन्हें आर्केस्ट्रा ड्रम बजाने में भी महारत हासिल थी। सभी उनके व्यवहार के भी कायल थे। घटना से एयरफोर्स अफसर व विंग कमांडर के साथी भी स्तब्ध रहे। रिश्तेदार निखिल ने बताया कि उनकी एक बहन है। सूचना पर घरवाले भी शहर के लिए चल दिए हैं। उधर, पत्नी व बच्चे गहरे सदमे में दिखे। बड़ा बेटा अक्षय अभी 10वीं में पढ़ रहा है जबकि छोटा अर्जुन 7वीं कक्षा में है।
हादसे के तो नहीं हुए शिकार?
मौके के हालात देखने के बाद इस बात की भी आशंका है कि विंग कमांडर हादसे का शिकार हो गए हों। दरअसल, जिस बंदूक से चली गोली लगने से उनकी मौत हो गई, उससे पहले भी एक फायर हुआ था। उनके शव के पास ही एक खोखा भी पड़ा मिला है। जबकि कारतूस का एक खोखा बंदूक की नाल में फंसा मिला है। जानकारों की मानें तो हो सकता है कि अफसर को बंदूक में दूसरी गोली होने की जानकारी न रही हो। ऐसे में एक फायर के बाद वह सफाई करने लगे हों और गोली चलने से उनकी जान चली गई हो।