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प्रयागराजः आखिर चार साल बाद दस हजार दुकानदारों को हाउसटैक्स में राहत

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Prayagraj: After ten years, ten thousand shopkeepers were given relief in house tax
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आखिर चार साल बाद दस हजार दुकानदारों को हाउसटैक्स में राहत
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0 आवासीय के पांच गुना के बजाए अब चुकाना होगा डेढ़ गुना टैक्स
0 लागू होने के वर्ष को लेकर संशय, 120 वर्ग फीट कारपेट एरिया तक के दुकानदारों को मिलेगा फायदा
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। करीब चार साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार शहर के करीब दस हजार छोटे दुकानदारों को भारी भरकम व्यवसायिक हाउसटैक्स से राहत मिल गई है। यूपी सरकार द्वारा नगर निगम सम्पत्तिकर नियमावली में संशोधन की मंजूरी दिए जाने के बाद अब 120 वर्ग फीट कारपेट एरिया तक के दुकानदारों को आवासीय टैक्स के पांच गुना के बजाए सिर्फ डेढ़ गुना ही टैक्स चुकाना होगा। हालांकि, यह किस वर्ष से लागू किया जाएगा, यह अभी साफ नहीं है।
व्यवसायिक हाउसटैक्स तय करने को सरकार ने उप्र नगर निगम सम्पत्तिकर नियमावली-2013 बनाई, जिसे बेहद विवादास्पद तरीके से निगम सदन ने 2015 में मंजूरी दे दी थी। इस नियमावली में लग्जरी काम्पलेक्स की तरह छोटी चाय की दुकान, सैलून, जनरल मर्चेंट की दुकान से फ्लैट तरीके से आवासीय टैक्स का पांच गुना लेने का प्रावधान था। इसके लागू होते ही हंगामा शुरू हो गया। तत्कालीन नगर विकास मंत्री आजम खान ने भी इन विसंगतियों को माना और संशोधन कराने की बात कही। उसके बाद तत्कालीन कार्यकारिणी सदस्य शिवसेवक सिंह की आपत्ति पर मई 2017 से विशेष सचिव रमाकांत पांडेय ने सुनवाई शुरू की। अब करीब तीन साल बाद सरकार ने कैबिनेट के जरिए सोमवार को उक्त नियमावली में संशोधन को मंजूरी दे दी। साथ ही दुकान को भी परिभाषित कर दिया गया। इस संशोधन के जरिए 120 वर्ग फीट तक की दुकान में चाय, अंडा, ब्रेड, पान, सब्जियों, दूध, दर्जी आदि की दुकानों में आवासीय दर का डेढ़ गुना टैक्स तय कर दिया गया हालांकि यह संशोधन किस वर्ष से लागू होगा यह साफ नहीं है। जानकारों के मुताबिक संशोधन चालू वित्तीय वर्ष से ही लागू होगा, ऐसे में दुकानदारों को चार साल का एरियर चुकाना होगा। उधर, आपत्ति दाखिल करने वाले पूर्व पार्षद शिवसेवक सिंह ने इस संशोधन को अधूरा बताया। कई और संशोधन किए जाने चाहिए।
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मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके मिश्र का कहना है आदेश मिलते ही उसके मुताबिक नए बिल भेजे जाएंगे। उन्होंने भी इसके लागू किए जाने के वर्ष को लेकर कुछ भी बोलने से इंकार किया। बता दें, शहर में करीब 25 हजार व्यवसायिक भवन हैं, जिनमें करीब 10 हजार छोटे दुकानदार हैं। इन्होंने अपने घरों में ही दुकानें खोली हुई है।
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हाउसटैक्स: आखिरी दिन आपत्तियों की होड़
प्रयागराज। आवासीय हाउसटैक्स में प्रस्तावित बढ़ोत्तरी पर आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा आज खत्म हो गई। आखिरी दिन होने के नाते मुख्यालय समेत सभी जोनल कार्यालयों में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर आपत्तियां दर्ज कराईं। मुख्यकर निर्धारण अधिकारी पीके मिश्रा के मुताबिक अब तक मुख्यालय में कुल 105 आपत्तियां दाखिल की गईं जबकि जोनल कार्यालयों में संख्या का मिलान किया जा रहा है। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी के मुताबिक सभी आपत्तियों को एकत्रित करके उनकी सुनवाई होगी। इसके पश्चात आखिरी तौर पर किराया दरें तय की जाएंगी। नगर निगम ने नए वित्तीय वर्ष के लिए हाउसटैक्स की नई दरें प्रस्तावित की हैं जबकि पिछले दो वर्षों से शहर के सर्किल रेट में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। इन दरों के बढ़ने पर आवसीय भवनों के हाउसटैक्स में चार से पांच गुना की बढ़ोत्तरी संभव है। इस बढ़ोत्तरी के बाद व्यवसायिक टैक्स में भी कुछ समय बाद पांच गुना बढ़ोत्तरी कर दी जाएगी।
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