दिल्ली-हावड़ा मुख्य रूट पर दबाव कम करने के लिए यमुना नदी पर एक अत्याधुनिक रेल पुल बनाया जाएगा। इसे वर्ष 2031 में लगने वाले कुंभ मेले से पहले तैयार करने की योजना है। यह पुल चिनाब रेल ब्रिज की तर्ज पर स्फेरिकल बेयरिंग तकनीक से बनेगा। प्रयागराज-पंडित दीन दयाल उपाध्याय के बीच बिछ रही तीसरी लाइन को देखते हुए यह ब्रिज कोठापार्चा डाॅट पुल (रामबाग) से शुरू होकर लाउदर रोड, ईसीसी के बगल से शुआट्स कॉलेज, नैनी होता हुआ प्रयागराज जंक्शन-नैनी लाइन में मिलेगा। यमुना नदी के ऊपर पुल की लंबाई तकरीबन डेढ़ किमी होगी।
नए पुल की 30 साल तक मरम्मत की जरूरत नहीं होगी। स्फेरिकल बेयरिंग तकनीक पर आधारिक इस पुल के हर खंभे पर सिस्मिक अरेस्टर लगे होंगे, जो भूकंप के झटकों को झेल लेंगे। पुल पर एक ही गॉर्डर पर दी रेल लाइनें बिछाने की व्यवस्था होगी, हालांकि पहले चरण में एक ही लाइन बिछेगी। रेलवे प्रशासन ने इस परियोजना को अम्ब्रेला वर्क (फास्ट ट्रैक) में शामिल किया है। एनसीआर के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी का कहना है कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस पुल का निर्माण जरूरी है।