611 जोड़ों को मिला अपना परिवार
0 प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी परिसर में आयोजित हुआ सामूहिक विवाह, प्रभारी मंत्री ने दिया आशीर्वाद
0 गुब्बारों से सजा संस्थान, उल्लास-उत्साह का माहौल, सांस्कृतिक आयोजन से बढ़ा आकर्षण
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। तेलियरगंज स्थित प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी (एनआरआईपीटी) परिसर में बृहस्पतिवार को उत्साह और उल्लास का माहौल रहा। सामूहिक विवाह के आयोजन में जीवन भर साथ रहने की कसमें खाकर 611 जोड़ों ने जिंदगी की नई पारी शुरू की। सजधजकर पहुंचे इन जोड़ों को एक साथ देखना उत्सुकता बढ़ा रहा था। इनके स्वागत में पूरे परिसर को गुब्बारों से सजाया गया था तो सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजन का आकर्षण रहीं। इविवि की छात्राओं की ओर से बनाई गई रंगोली की सभी ने सराहना की।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत विभिन्न चरणों की प्रक्रिया के बाद 611 जोड़ों की शादी कराई गई। शादी में बड़ी संख्या में उनके परिवार के लोग तथा रिश्तेदार भी शामिल हुए। इस वर्ष 463 जोड़ों की पहले शादी कराई जा चुकी है। इस तरह से अब तक 1074 जोड़ों की शादी हो चुकी है। प्रभारी मंत्री डॉ.महेंद्र सिंह ने आशीर्वाद दिया और भेंट प्रदान किया। उन्होंने पंडालों में जाकर जोड़ों को मिठाई खिलाई। डॉ.महेंद्र सिंह ने कहा कि बेटी के पैदा होने पर लालन-पालन, पढ़ाई से लेकर उसकी शादी की चिंता सताने लगती है लेकिन अब जिम्मेदारी सरकार ने ले ली है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण के लिए शुरू केंद्र तथा प्रदेश सरकार की अन्य योजनाओं के बारे में भी बताया। फूलपुर की सांसद केशरी देवी पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष रेखा सिंह, बारा के विधायक अजय कुमार, डॉ.जमुना प्रसाद सरोज ने वर-वधु को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने आयोजन के बारे में बताया। सीडीओ प्रेम रंजन सिंह, नगर आयुक्त रवि रंजन सिंह आयोजन के दौरान लगातार भ्रमण करते रहे। जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह ने संचालन किया।
10 सेक्टर में रीति-रिवाज से हुई शादी
0 शादी के लिए 10 सेक्टर बनाए गए थे। शादी के लिए जोड़े नगर निगम, नगर पंचायत तथा ब्लाकवार बैठाए गए थे। शादी में 600 जोड़ों की हिंदू रीति-रिवाज से शादी हुई। पं.श्रीराम की अगुवाई में 60 पंडितों ने शादी कराई। शादी में द्वार पूजा, जयमाल, पाणि ग्रहण संस्कार, फेरे आदि रश्में निभाई गईं। वैवाहिक और विदाई गीत भी गाए गए।
11 मुस्लिम जोड़ों का हुआ निकाह
0 शादी के लिए कुल 23 मुस्लिम जोड़े पंजीकृत थे लेकिन उनमें 11 जोड़े ही पहुंचे। मदरसा हबीबा गढ़ीकला के मौलाना अंसार अहमद ने इनका निकाह कराया।
पायल-बिछिया को लेकर रही चिंता
0 मुख्यमंत्री सामूहिक योजना के अंतर्गत हर जोड़े पर 51 हजार रुपये खर्च करने का प्रावधान है। इसमें 35 हजार रुपये वधु नगद दिए जाएंगे। यह राशि उनके खाते में सीधे जाएगी। इसके अलावा 10 हजार रुपये में वधु को शादी का जोड़ा, बर्तन तथा अन्य उपहार के साथ पायल और बिछिया भी दिए जाने का प्रावधान है। इसके अलावा प्रमाण पत्र दिया जाता है। प्रभारी मंत्री ने प्रतिकात्मक रूप में 11 जोड़ों को मंच पर प्रमाण पत्र तथा उपहार दिए। 35 हजार रुपये उनके खाता में भी डाल दिए गए। अन्य जोड़ों को भी उपहार का बैग शादी के दौरान दे दिया गया लेकिन पायल और बिछिया को लेकर उनमें चिंता रही। लोहगड़ा की रतुलावती, शंकरगढ़ की शालिनी, धीरेंद्र आदि का कहना था कि उनके बैग में पायल और बिछिया नहीं है। हालांकि, उम्मीद थी कि प्रमाण पत्र के साथ उन्हें ये गहने भी मिलेंगे। सीडीओ प्रेम रंजन सिंह का कहना था कि पायल, बिछिया तथा 35 हजार रुपये समेत अन्य उपहार सभी को दिए जाएंगे। सुरक्षा तथा अन्य पहलुओं को ध्यान में रखकर शादी के समय पायल और बिछिया नहीं दिए गए। उपहार की राशि उनके खाते में भेजी जा रही है। ज्यादातर के खाता में राशि पहुंच भी गई है।
जोड़ों के साथ अभिभावकों में भी रहा उत्साह
0 सांस्कृतिक आयोजन तथा पूरे रीति-रिवाज से शादी से नवदंपत्ति के साथ उनके अभिभावकों में भी काफी उत्साह रहा। इंद्रजीत आगरा में नौकरी करते हैं और शादी के लिए आए थे। उनकी रतुलावती से शादी हुई। इस तरह से शादी से वे काफी खुश थे तथा सभी के प्रति आभार प्रकट किया। शंकरगढ़ के लखन का कहना था कि चार महीने पहले बेटी की शादी तय हुई थी। इसके बाद से ही बेटी की शादी की चिंता थी लेकिन अब यह चिंता दूर हो गई।