Prayagraj News : मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम में सेल्फी लेते जोड़े।
- फोटो : प्रयागराज
प्रयागराज में शनिवार को सामूहिक विवाह का रिकार्ड बना। करीब 1500 जोड़े एक-दूजे के हुए। शादी नगर निकाय एवं ब्लॉक स्तर पर हुई। कई जगहों पर दूल्हे देर से भी पहुंचे। इसकी वजह से शादी नहीं हो सकी। शंकरगढ़ में इसे लेकर विवाद भी हुआ। इसकी वजह से आठ जोड़ों की शादी नहीं हो पाई। हालांकि अफसरों ने किसी तरह के विवाद तथा गड़बड़ी से इंकार किया है।
समाज कल्याण विभाग की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत शनिवार को 1500 से अधिक पंजीकृत जोड़ों की शादी कराई गई। कोविड प्रोटोकाल के तहत शादी एक स्थान पर न कराके अलग-अलग स्थानों पर हुई। इस बार बारात भी नहीं निकाली गई। हालांकि अन्य सभी प्रक्रिया पूरी गई। शादी समारोहों में जनप्रतिनिधि तथा क्षेत्र के अन्य प्रमुख लोग शामिल हुए।
नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत तेलियरगंज स्थित प्रिंटिंग टेकभनोलॉजी इंस्टीट्यूट परिसर में शादी कराई गई। समारोह में मौजूद कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी की मौजूदगी में 153 जोड़ों ने शादी की। इनमें से तीन का निका हुआ। इस मौके पर मंत्री ने सामूहिक विवाह के साथ अन्य योजनाओं के बारे में जानकारी दी। सांसद केशरी देवी पटेल, विधायक विक्रमाजीत मौर्य लालगोपालगंज, बहरिया ब्लॉक में आयोजित समारोह में शामिल हुए।
जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह का कहना है कि सभी स्थलों पर शादी संपन्न हुई। शंकरगढ़ में पांच जोड़े देर से पहुंचे। प्रलोभन देकर शादी कराने या अन्य किसी तरह की गड़बड़ी की बात गलत है। उनका पंजीकरण पहले से है और उनके डॉक्यूमेंट की भी जांच कराई जा चुकी है। पूरे आयोजन की वीडियोग्राफी भी कराई गई है। प्रभारी से कहा गया था कि सभी लोग राजी हों तो शादी करा दी जाए। अन्यथा, एक-दो दिन बाद बुलाकर उनकी शादी कराई जाए।
Prayagraj News : सामूहिक विवाह योजना के तहत शादी करते जोड़े।
- फोटो : प्रयागराज
प्रलोभन देकर करा रहे थे शादी, विवाद के बाद अफसर गायब
शंकरगढ़ विकासखंड परिसर में शनिवार को आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के दौरान गड़बड़ी की शिकायत हुई है। वहां आठ जोड़ों की देर शाम गुपचुप तरीके से शादी कराई जा रही थी। ग्रामीणों के विरोध के बाद ब्लॉक परिसर में ताला लगाकर अफसर भाग गए। इससे शादी के लिए पहुंचे जोड़ों तथा ग्रामीणों में रोष है। हालांकि, अफसरों ने किसी तरह की गड़बड़ी से इंकार किया है।
ब्लॉक में शादी के लिए 90 जोड़ पंजीकृत थे। इनमें से 82 जोड़ों की परंपरागत तरीके से शादी हुई। वहीं देर शाम को आठ जोड़ों की शादी कराई जा रही थी। इन्हें प्रलोभन देकर बुलाए जाने का आरोप है। इसकी जानकारी होने पर ग्रामीण भी एकत्रित हो गए। इस तरह से शादी पर लोगों ने सवाल खड़े किए तो अधिकारी कार्यालय में ताला बंद कर चले गए। शादी के लिए पहुंचे जोड़ों ने भी नाराजगी जताई। अफसरों ने उनसे कहा कि बाद में शादी कराई जाएगी।
जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह का कहना है कि किसी तरह का विवाद नहीं हुआ है। पांच जोड़े देर से पहुंचे थे। सभी पंजीकृत जोड़े ही पहुंचे थे। उनके डॉक्यूमेंट की जांच पहले ही कराई जा चुकी है। आयोजन की वीडियोग्राफी भी कराई गई है। प्रभारी को निर्देश दिया गया था कि देर से पहुंचे सभी जोड़े और पंडितजी तैयार हों तो शादी करा दी जाए। अन्यथा, एक-दो दिन बाद उन्हें बुलाकर शादी कराई जाए।