प्रयागराज। दक्षिणी पश्चिमी मानसून के जोर से मंगलवार शाम अचानक मौसम बदल गया। दिन में तेज धूप के बाद बादल झूमकर बरसे। रात 8.30 बजे तक 8.4 मिलीमीटर बारिश हुई। इससे लोगों को तपिश से राहत मिली। देर रात तक कहीं रिमझिम तो कहीं-कहीं झमाझम बारिश हुई। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि अब बादलों का डेरा जमा रहेगा। हर दिन धूप-छांव संग बारिश के आसार हैं।
मंगलवार को दिन में सूरज की बादलों से लुकाछिपी चलती रही। दोपहर बाद कड़क हुई धूप परेशानी का कारण बनी। बादल छाते तो राहत मिलती लेकिन बारिश की जगह पसीना कपड़े भिगोता रहा। शाम करीब छह बजे अचानक काले बादलों ने धमाचौकड़ी शुरू कर दी। थोड़ी ही देर में तेज हवाओं संग बरसे बादलों ने लोगों को ठौर खोजने का मौका भी नहीं दिया। फिर डेढ़ घंटे तक रिमझिम और झमाझमा बारिश का क्रम जारी रहा।
रात करीब 8.30 बजे से दूसरे चरण की बारिश तेज रही। दिन में तेज धूप का असर रहा कि लगातार दूसरे दिन तापमान बढ़ा। अधिकतम तापमान करीब दो डिग्री बढ़कर 34.7 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। वहीं न्यूनतम तापमान भी मामूली बढ़त के साथ 26.7 डिग्री सेल्सियस पर टिका। नमी उच्चतम स्तर पर सौ फीसदी और न्यूनतम स्तर पर 62 फीसदी रही।
मौसम विज्ञानी प्रो, एचएन मिश्रा के मुताबित बंगाल की खाड़ी से आने वाली दक्षिणी पश्चिमी हवाओं को स्थानीय चक्रवात का साथ मिलने से बादल बरसे हैं। आसार हैं कि यह क्रम बना रहेगा। अगले पांच दिनों तक कहीं तेज तो कहीं मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है। स्थितियां वर्षा के अनुकूल हैं।
जलभराव से राहत नहीं, कीचड़ संग फिसलन
बारिश का एक झोंका शहर की सूरत बिगाड़ रहा है। साफ है कि शहरियों को गंदगी, जलभराव और कीचड़ से बचाने के उपाय करने में कोताही की गई है। मंगलवार शाम हुई बारिश के दौरान भी यही हुआ। ऊंची नीची पटरियों पर पानी लगा। सिविल लाइंस में पक्के फुटपाथों पर जलभराव हुआ। पुराने शहर के रानी मंडी, दरियाबाद, करेलाबाग, करेली, राजापुर, कीडगंज समेत अन्य मोहल्लों में नालियां उफनाईं और गंदगी फैल गई। स्पीड ब्रेकरों के किनारों पर भरा पानी परेशानी का कारण बना। इसका ताजा उदाहरण मेडिकल चौराहे पर आरओबी छोर पर देखा जा सकता है। यही नहीं अल्लापुर, अलोपीबाग में जलजमाव से लोगों को दिक्कत हुई।
शहर के तीस फीसदी नाले गंदगी से पटे
नगर निगम अफसरों का दावा है कि नाला सफाई का काम अंतिम चरण में है। जबकि पार्षदों के मुताबिक शहर के तीस फीसदी नाले गंदगी और सिल्ट से चोक पड़े हैं। उनमें सफाई का काम नगर निगम के जिम्मेदारों ने शुरू ही नहीं कराया है। शहर उत्तरी और शहर दक्षिणी में गंदे नालों की संख्या अधिक है। बेली, मम्मफोर्डगंज, अल्लापुर, एलआईसी कॉलोनी, राजरूपपुर, करेली, कर्नलगंज, जार्जटाउन समेत कई ऐसे मोहल्लों हैं, जहां नाला सफाई का काम प्राथमिकता के आधार पर कराया जाना जरूरी है। पार्षद रतन दीक्षित, कमलेश सिंह, मुकुंद तिवारी समेत अन्य पार्षदों ने नाला सफाई में लापरवाही का आरोप लगाया है। पार्षदों ने सिल्ट से चोक नालों की फोटो नगर आयुक्त को दिखाई है।