कैंट के म्योराबाद से लापता कैब मालिक की नृशंस तरीके से हत्या कर दी गई। उसकी लाश सोमवार सुबह सरायइनायत के हनुमानगंज में क्षत-विक्षत हालत में मिली। चेहरा भी तेजाब से जलाया गया था। सूचना पर पुलिस व घरवाले भी पहुंच गए। पुलिस का कहना है कि फिलहाल अज्ञात में मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच-पड़ताल की जा रही है।
म्योराबाद स्थित ईडब्ल्यूएस कॉलोनी मेें रहने वाला मंसूर(25) पुत्र मकसूद गोरखपुर में ठेकेदारी करता था। पुलिस के मुताबिक, 10 दिन पहले वह गोरखपुर से वापस घर चला आया। उसकी एक गाड़ी कैब कंपनी में लगी हुई थी। घर आने के बाद वह खुद कैब चलाने लगा। 11 मई की रात 10.30 बजे के करीब वह बुकिंग मिलने पर कैब लेकर घर से निकला और इसके बाद से लापता हो गया। सुबह घरवालों ने गुमशुदगी दर्ज कराई।
शाम को धूमनगंज में चतुर्थ बटालियन पीएसी परिसर के पीछे उसकी कार लावारिस हालत में खड़ी मिली। इसमें मंसूर की चप्पल व खून के धब्बे मिले। पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी कि सोमवार सुबह सात बजे के करीब सरायइनायत के हनुमानगंज स्थित मुमतजीपुर गांव में युवक की क्षत-विक्षत लाश मिली। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो बेरहमी से उसकी हत्या की गई थी। मृतक का चेहरा तेजाब से जलाया गया था और गुप्तांग भी काटा गया था। शव को जानवरों ने भी नोच डाला था। खबर फैली तो लोग जमा हो गए। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। जानकारी पर कैंट पुलिस व परिजन भी पहुंचे और कपड़ों से मृतक की शिनाख्त मंसूर के रूप में की। लाश देखकर परिजन बिलखने लगे। हत्या किसने और क्यों की, फिलहाल यह नहीं पता चल सका। पुलिस ने पूछताछ की लेकिन घरवाले भी कुछ बता नहीं सके। कैंट इंस्पेक्टर अरविंद गौतम ने बताया कि फिलहाल अज्ञात में मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच की जा रही है।
पुलिस सूत्रों की मानें तो जांच पड़ताल के बाद यह बात भी लगभग साफ हो गई है कि कैब मालिक की हत्या उसकी ही गाड़ी के भीतर की गई। गाड़ी के भीतर भारी मात्रा में खून फैला मिला था। साथ ही उसका चप्पल मिली थी, जिस पर खून के छींटे थे। पुलिस का कहना है कि हत्यारों ने गाड़ी के भीतर ही उसे मारा। गाड़ी के भीतर की हालत देखकर लग रहा है कि उसे पहले धारदार हथियार से मारा गया। फिर शव को गाड़ी से ही ले जाकर हनुमानगंज में फेंक दिया गया। पहचान न हो सके, इसके लिए चेहरा भी तेजाब डालकर जला दिया।
पुलिस का कहना है कि मृतक की गाड़ी में जीपीएस सिस्टम लगा हुआ था। जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस हुई तो पता चला कि गाड़ी की बुकिंग जंक्शन से हुई थी। इसके बाद गाड़ी गंगापार स्थित कई थाना क्षेत्रों में लगातार घूमती रही। लोकेशन से पता चला है कि गाड़ी उतरांव, फूलपुर के साथ ही हंडिया भी गई थी। जिस जगह लाश मिली, उस गांव में गाड़ी करीब सात मिनट तक रुकी थी। सीओ वृजनारायण सिंह का कहना है कि घरवालों व गांववालों ने पूछताछ में बताया है कि मंसूर की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। जांच पड़ताल की जा रही है।