नगर कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को मुकदमे की सुनवाई के दौरान न्यायालय कक्ष में सिविल जज वर्णिका शुक्ला से अभद्रता करते हुए अभिलेख फाड़ने के मामले में अधिवक्ता विजय कुमार पांडेय के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि नाम पूछने पर डायस पर चढ़कर अधिवक्ता ने जज की कलम छीनकर फेंक दी।
सिविल जज सदर के रीडर कमलेश कुमार सिंह ने कोतवाली पुलिस को दी गई तहरीर में कहा है कि शुक्रवार की शाम सिविल जज जूनियर डिवीजन वर्णिका शुक्ला अपनी कोर्ट में उल्फत बनाम आजाद अली के मुकदमे की सुनवाई के बाद अपने काम में व्यस्त थीं। उल्फत बनाम आजाद अली के मुकदमे में सुनवाई के लिए अगली तिथि निर्धारित कर दी गई थी।
वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र नारायण पांडेय के अधिवक्ता बेटे विजय कुमार पांडेय इस वाद में पैरवी कर रहे थे। वह स्थगन आदेश के लिए अचानक उग्र होकर न्यायालय में जोर-जोर से चिल्लाने लगे। जज से अभद्रता व अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया। नाम पूछने पर विजय कुमार पांडेय ने डायस पर चढ़कर उनसे कलम छीनकर फेंक दी।
इसके बाद सुनवाई वाले मुकदमे की पत्रावली की आर्डर शीट को फाड़कर अपने साथ लेकर भाग निकले। इससे न्यायिक कार्य में अवरोध पैदा हो गया। न्यायालय परिसर में काफी देर तक अफरातफरी का माहौल रहा। कमलेश की तहरीर पर पुलिस ने अधिवक्ता विजय कुमार पांडेय के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। नगर कोतवाल ने बताया कि आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है।
आपको कुछ आता-जाता नहीं, मैं एलएलएम टॉपर हूं
सिविल जज सदर के रीडर कमलेश कुमार सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि अधिवक्ता विजय कुमार पांडेय ने सिविल जज जूनियर डिवीजन वर्णिका शुक्ला से अभद्रता करते हुए कहा कि आपको कुछ आता-जाता नहीं है। स्टे नहीं दे रही हो, पैसा ले लो, जितना लेना हो, मैं एलएलएम टॉपर हूं।