आत्मदाह का निर्णय वापस लेने पर ब्लाक प्रमुख और ग्राम प्रधान का माला पहनाकर स्वागत किया गया।
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पुरुषोत्तमपुर उर्फ गारापुर के ग्राम प्रधान सोमवार को आत्मदाह करने के लिए ब्लॉक पर पहुंच गए। इससे खलबली मच गई। रविवार रात से ही उनको हाउस अरेस्ट किया गया था। ब्लाॅक मुख्यालय पर भी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई थी। पुलिस को चकमा देकर वह दोपहर में ब्लॉक पर पहुंच गए। ब्लाॅक प्रमुख बहरिया शशांक मिश्रा और अन्य प्रधानों के समझाने और बीडीओ से आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने अपना फैसला बदला।
पुरुषोत्तमपुर उर्फ गारापुर के ग्राम प्रधान द्वारिका प्रकाश मौर्य ने रविवार को मुख्यमंत्री के पोर्टल पर शिकायत कर कहा था कि आवास, शौचालय, मनरेगा सहित अन्य योजनाओं में मिलने वाले धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है। बीडीओ पर मनमानी का आरोप लगाया था। इसके खिलाफ सोमवार को ब्लॉक या पंचायत भवन पर आत्मदाह करने की चेतावनी दी थी। इससे प्रशासन में खलबली मची रही।
रविवार रात एसीपी फूलपुर उदय प्रताप सिंह और थानाध्यक्ष थरवई अरविंद गौतम ग्राम प्रधान के घर पहुंचे और अधिकारियों के आदेश की जानकारी दी। घर पर पुलिस की तैनाती कर उनको नजरबंद कर दिया गया। सोमवार को पंचायत भवन में गए तो वहां भी पुलिस गई। करीब 10 बजे वह पुलिस को चकमा देकर वहां से निकल लिए। प्रधान के अचानक गायब होने से अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए।
ब्लॉक बहरिया पर भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई। ग्राम प्रधान दोपहर करीब 12 बजे ब्लाॅक मुख्यालय पहुंचे तो सभी लोग सतर्क हो गए। ब्लाॅक प्रमुख शशांक मिश्रा और पहले से मौजूद ग्राम प्रधानों के समझाने से बीडीओ के साथ ब्लाॅक प्रमुख के कक्ष में वार्ता हुई। बीडीओ ने ग्राम प्रधानों को सम्मान देने और कार्य योजनाओं में पारदर्शिता लाने के आश्वासन पर ग्राम प्रधान ने आत्मदाह का निर्णय वापस ले लिया।
पुरुषोत्तमपुर उर्फ गारापुर के ग्राम प्रधान ने मुख्यमंत्री आवास के लिए तीन लोगों के नाम दिए थे। तीनों अपात्र पाए गए और आवास नहीं मिल सका। जिससे ग्राम प्रधान नाराज हो गए और मेरे ऊपर झूठा आरोप लगा दिया। ब्लाॅक प्रमुख और ग्राम प्रधानों के साथ बैठ कर बात की गई। उनकी हर समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा और सम्मान किया जाएगा। - देव कुमार, खंड विकास अधिकारी, बहरिया