भौतिकी व रसायन में 16-16 लाख से अधिक परीक्षार्थी
भौतिक विज्ञान की प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए 1650482 व रसायन विज्ञान की प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए 1650937 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। वहीं, जीव विज्ञान की प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए 1249485 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। भूगोल की परीक्षा के लिए 358731, होमसाइंस के लिए 267394, कंप्यूटर के लिए 18512 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। सबसे कम पांच परीक्षार्थी डांसिंग की प्रयोगात्मक परीक्षा में शामिल होंगे। इसके अलावा मिलिट्री साइंस की प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए 5664, एग्रोनॉमी फर्स्ट के लिए 14267, एग्रीकल्चर बॉटनी के लिए 14267, एग्रीकल्चर फिजिक्स एंड क्लाइमेट के लिए 14609, एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग के लिए 13925, एग्रोनॉमी सिक्स के लिए 12344, एग्रीकल्चर जूलॉजी के लिए 12344, एनिमल हसबैंड्री के लिए 12344, एग्रीकल्चर केमिस्ट्री के लिए 12344, म्यूजिक वोकल की प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए 6034 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं।
पांच फीसदी विद्यालयों का होगा ऑडिट
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से प्रत्येक जनपद में प्रयोगात्मक परीक्षा आयोजित कराने वाले विद्यालयों के सापेक्ष रैंडम आधार पर पांच फीसदी विद्यालयों का ऑडिट कराया जाएगा। इसमें किसी प्रतिकूल तथ्य या अनियमितता प्रकाश में आने पर संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
संसाधनों की कमी पर निरस्त होगी विद्यालय की मान्यता
राजकीय विद्यालय में संसाधनों के अभाव के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) स्वयं उत्तरदायी होंगे। वहीं, अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में संसाधनों की कमी होने पर डीआईओएस संबंधित विद्यालय के प्रबंधक व प्रधानाचार्य के विरुद्ध सख्त कारवाई सुनिश्चित करेंगे। वित्तविहीन विद्यालयों में यह स्थिति आने पर पर विद्यालय की मान्यता निरस्त की जाएगी।
परीक्षक पर दबाव बनाया तो कारावास व जुर्माना
यदि कोई व्यक्ति प्रयोगात्मक परीक्षक पर किसी भी प्रकार का अनुचित दबाव बनाता या प्रलोभन देता है तो उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 की धारा-9 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें न्यूनतम तीन वर्ष का कारावास (जिसे 10 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है) और तीन लाख रुपये जुर्माने (जिसे 10 लाख तक बढ़ाया जा सकता है) का प्रावधान है।