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आयोग की परीक्षाओं में अब नहीं होंगे विवादित प्रश्न

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Prabhat Kumar ensured students about partiality in evaluation. - फोटो : CITY DESK
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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रभात कुमार ने लगातार दूसरे सप्ताह अभ्यर्थियों से मुलाकात की और परीक्षा से जुड़ी उनकी समस्याओं को सुना। अध्यक्ष ने प्रतियोगी छात्रों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्या का तय समयसीमा के भीतर हल किया जाएगा। इसके अलावा मुख्य परीक्षा में हिंदी और अंग्रेजी माध्यम की कॉपियों के मूल्यांकन में होने वाले भेदभाव को दूर करने का भी आश्वासन दिया। कहा कि आगामी परीक्षाओं में विवादित प्रश्नों को परीक्षा में शामिल नहीं किया जाएगा। स्केलिंग की समीक्षा की मांग पर आयोग अध्यक्ष ने कहा कि इस दिशा में काम शुरू हो गया है।
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बुधवार को अध्यक्ष अपने तय समय के अनुसार प्रतियोगी छात्रों से मिले। मिलने वालों में गाजीपुर, बरेली, बलिया, जौनपुर, आजमगढ़, मथुरा, वाराणसी, चित्रकूट, लखनऊ एवं कोलकाता से प्रतियोगी और अभिभावक शामिल रहे। अध्यक्ष से पहली मुलाकात में आए लोगों की तुलना में दूसरी बार मिलने आधे प्रतियोगी और अभिभावक ही पहुंचे। परीक्षार्थियों ने पीसीएस मुख्य परीक्षा 2017 के परिणाम, पीसीएस मुख्य परीक्षा-2018 के आयोजन की तिथि एवं पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा के आवेदन के संबंध में जानकारी मांगी। आयोग अध्यक्ष ने इन मांगों पर एक महीने की तय समय सीमा में वेबसाइट पर सूचना देने का आश्वासन दिया।
हिंदी-अंग्रेजी माध्यम की कॉपी का हो अलग-अलग मूल्यांकन
आयोग अध्यक्ष से मिलने वालों में भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष कौशल सिंह ने पीसीएस 2016 के परिणाम का अंकपत्र दिखाते हुए आग्रह किया कि हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के परीक्षार्थियों की कॉपियों के मूल्यांकन में भेदभाव हुआ है। कौशल के साथ प्रतिनिधि मंडल में शामिल प्रतियोगियों ने यूपीएससी की तर्ज पर हिंदी और अंग्रेजी माध्यम का अलग-अलग परीक्षक से मूल्यांकन की मांग की। आयोग अध्यक्ष ने आगामी परीक्षाओं में इस प्रकार के भेदभाव दूर करने का आश्वासन दिया।
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अब सवाल का एक से अधिक जवाब नहीं
पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा में बड़े पैमाने पर प्रश्नों का गलत उत्तर देना साथ में एक सवाल के एक से अधिक उत्तर होने के मामले को उठाया। आयोग अध्यक्ष ने आगामी परीक्षाओं में गलत प्रश्नों से बचने और एक सवाल का एक ही जवाब होने की बात कही। परीक्षार्थियों ने मांग की कि स्केलिंग पद्धति की पुन: समीक्षा कराएं, जिससे किसी प्रतियोगी के साथ अन्याय न हो। इस पर आयोग अध्यक्ष ने बताया कि स्केलिंग को लेकर आयोग समीक्षा कर रहा है।
प्रवक्ता भर्ती के लिए लिखित परीक्षा कराने की मांग
परीक्षार्थियों ने जीआईसी प्रवक्ता, राजकीय डिग्री कॉलेज प्रवक्ता का चयन लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर करने की मांग की। जेई तथा अन्य परीक्षाओं का लंबित परिणाम जल्द जारी करने की मांग की। परीक्षार्थियों ने मांग की कि भर्ती परीक्षा का अधियाचन प्राप्त होने के बाद इसकी सूचना वेबसाइट पर उपलब्ध करा दें, जिससे अभ्यर्थियों को तैयारी का समय मिले।
जेई परीक्षा का परिणाम दो महीने में देने का आश्वासन
आयोग अध्यक्ष ने जेई परीक्षा में शामिल प्रतियोगियों को पिछले सप्ताह आश्वासन दिया था कि 15 अगस्त तक परिणाम घोषित होगा जबकि बुधवार को उन्होंने प्रतियोगियों से कहा कि दो महीने में रिजल्ट घोषित होगा। ऐसे में पहली बार मुलाकात में आयोग अध्यक्ष की ओर से दिया गया आश्वासन समय पूरा होता नहीं दिखाई पड़ रहा है। आयोग अध्यक्ष ने पिछले सप्ताह कहा था कि 15 अगस्त तक परिणाम घोषित करके जल्द ही साक्षात्कार की तिथि जारी कर दी जाएगी। उन्होंने कहा था कि साल के अंत तक अंतिम परिणाम घोषित कर दिया जाएगा।
एई के लिए भर्ती घोषित करने की मांग
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से एई परीक्षा की भर्ती बीते छह वर्ष से घोषित नहीं किए जाने से परेशान अभ्यर्थियों ने अध्यक्ष से मिलकर उनके लिए भी भर्ती की मांग की। अभ्यर्थियों का कहना था कि आयोग अध्यक्ष ने उनकी मांग पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।
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