करीब एक माह से बिजली संकट से जूझ रहे उपभोक्ताओं ने शनिवार सुबह 11 बजे सिकंदरा विद्युत उपकेंद्र के उपखंड अधिकारी के कार्यालय का घेराव किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 72 घंटे के भीतर विद्युत व्यवस्था पटरी पर नहीं आई तो उपकेंद्र पर ताला जड़ दिया जाएगा। इसके बाद जमकर नारेबाजी की और बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
सिकंदरा बिजली उपकेंद्र के छह फीडरों बलकरनपुर, तेजपुर, बहरिया, वीरभानपुर, कल्याणपुर और बलीपुर से करीब 85 गांवों में बिजली आपूर्ति होती है। पिछले एक माह से इन गांवों को छह घंटे भी बिजली नहीं मिल रही है।
बीते एक सप्ताह से शाम होते ही बिजली कट जाती है और रात 11:30 बजे आती है। इसके बाद ट्रिपिंग शुरू हो जाती है। बारिश में गांवों में अंधेरा होने से जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना हुआ है। उपभोक्ताओं ने उपखंड अधिकारी के कार्यालय पर जमकर नारेबाजी की और बिजली व्यवस्था बहाल करने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
18 से 20 घंटे आपूर्ति की मांग
उपभोक्ताओं ने शासन से निर्धारित 18 से 20 घंटे की बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। उन्होंने लोकल फॉल्ट को तुरंत ठीक करवाने पर जोर दिया। पुराने इंसुलेटर और तारों को बदलने व पेड़ों की लटकती डालों की छंटाई कराने की मांग की। उपभोक्ताओं ने रात में हो रही अघोषित विद्युत कटौती रोकने की अपील की।
उपखंड अधिकारी विमल कुमार यादव ने बताया कि उत्पादन कम होने के कारण बिजली का संकट बना हुआ है। इस वजह से तीन से चार घंटे की कटौती की जा रही है। उन्होंने कहा कि पीक आवर में कटौती न करने के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए पूरा प्रयास किया जाएगा।
बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान
मिश्रा बांध। जारी कस्बे समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की अघोषित कटौती से लोग परेशान हैं। ग्रामीणों के अनुसार, बिजली आने-जाने का कोई निश्चित समय नहीं है। दिन में कई बार कटौती होने के साथ शाम और रात में भी बिजली गुल हो जाती है। जारी 33 केवीए विद्युत उपकेंद्र से जुड़े असरवई, बकरावा, शीध टिकट, जारी टाउन, गन्ने और खूझी समेत कई फीडरों के उपभोक्ता प्रभावित हैं।