तहसील क्षेत्र के 200 से अधिक गांवों की करीब 1.60 लाख आबादी बिजली कटौती से जूझ रही है। बिजली विभाग 18 घंटे आपूर्ति का दावा करता है, लेकिन कई गांवों को आठ घंटे भी बिजली नहीं मिल रही है।
दिन में गर्मी और रात में उमस के कारण ग्रामीण बेहाल हैं। पंखे और कूलर बंद होने से रातें करवटों में कट रही हैं। बिजली के अभाव में पेयजल का संकट भी गहरा गया है। बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। फूलपुर के इंडस्ट्रियल स्टेट में उद्योग-धंधों की रफ्तार भी धीमी हो गई है। विभाग के चार विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े 13 फीडरों के 40,877 उपभोक्ता प्रभावित हैं।
करुआडीह गांव के उपभोक्ता तीर्थराज, रमेश, निरंजन और राजेश कुमार ने पिछले एक सप्ताह से बिजली आपूर्ति खराब बताई। रात में बिजली गुल होने से उमस और मच्छरों के बीच सोना मुश्किल है। पानी की मोटर न चलने से पीने के पानी का इंतजाम चुनौती बन गया है। मैलहन क्षेत्र के राधेश्याम, राकेश मोदनवाल और शिव शंकर ने छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होने की बात कही। एसडीओ विद्युत संजीव कुमार ने बताया कि 220 केवी महावीरन विद्युत उपकेंद्र से ही कटौती हो रही है।