बिजली कटौती से ग्रामीण बेहाल हैं। रात में गांवों में अंधेरा छा जाता है। ऐसे में पेयजल का संकट गहराने लगा है।
भीषण गर्मी में गंगा पार के 132 केवीए पावर स्टेशन कौड़िहार से जुड़े उपकेंद्र कौड़िहार, नवाबगंज, सेरांवा और फतेहपुर कायस्थान की बिजली आपूर्ति पटरी से उतर गई है। सुबह से शाम तक बिजली कटौती के साथ ही शाम होते ही कई घंटे बिजली कटौती से गांवों में अंधेरा छा जाता है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि महज 10 से 12 घंटे बिजली ही मिल रही है। वहीं, विद्युत निगम ने ग्रामीणांचल के उपभोक्ताओं के लिए 18 घंटे बिजली देने की घोषणा की है।
वहीं सहसों के कई गांवों में विद्युत आपूर्ति पटरी से उतर गई है। स्थानीय लोगों ने विभाग से आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
वहीं, करमा में भी बिजली कटौती के चलते लोगों को रात काटना मुश्किल हो गया है। ग्रामीण अमित पटेल ने बताया कि गर्मी शुरू होते ही कोई तैयारी नहीं होने की स्थिति में लोगों को बिजली की आपूर्ति नहीं मिल पाती। जेई अवधेश वर्मा ने बताया कि अधिक भार के चलते बिजली कट रही है।