हाईकोर्ट ने पावर कारपोरेशन द्वारा आयोजित सहायक इंजीनियर (प्रशिक्षु) परीक्षा की द्वितीय पाली का प्रश्नपत्र रद्द कर दिया है। परीक्षा शुक्रवार 16 दिसंबर को सायं चार बजे से होनी थी। कोर्ट ने दिन में दो बजे आदेश दिया तथा इस आदेश को तत्काल एसएमएस के माध्यम से अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया। हालांकि तमाम अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों पर पहुंच चुके थे। शिव सिंह और सुधाकर सिंह की याचिकाओं पर न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता और न्यायमूर्ति विजयलक्ष्मी की पीठ ने सुनवाई की।
पावर कारपोरेशन ने सहायक इंजीनियर भर्ती के लिए 12 नवंबर 2016 को दो पालियों में परीक्षा आयोजित की। कुछ अभ्यर्थियों को पहली पाली में और बाकी को दूसरी पाली में परीक्षा देनी थी। याचिका में कहा गया कि प्रथम पाली में जो प्रश्नपत्र दिया गया था उसी प्रश्नपत्र का एक हिस्सा ‘ए सिरीज’ दूसरी पाली की परीक्षा में भी रिपीट कर दिया गया। यह 50 अंक का था। कुल प्रश्नपत्र 200 अंकों का था। जबकि दूसरी पाली में पूरी तरह से अलग सीरीज का प्रश्नपत्र दिया जाना चाहिए था।
इससे हुआ यह कि प्रथम पाली की परीक्षा दे चुके अभ्यर्थियों ने इन प्रश्नों के बारे में द्वितीय पाली के तमाम अभ्यर्थियों को बता दिया था। पावर कारपोरेशन को इस बात की जानकारी हुई तो उसने द्वितीय पाली के प्रश्नपत्र ए सिरीज को रद्द कर दुबारा उसकी परीक्षा कराने का निर्णय लिया। दुबारा 16 दिसंबर को सायं चार बजे से ए सिरीज की परीक्षा होनी थी।
याची के अधिवक्ता आकाश खरे का कहना था कि जिन अभ्यर्थियों को ए सिरीज के प्रश्नों की जानकारी हो चुकी थी उन्होंने 50 प्रश्न बहुत कम समय में कर लिए जबकि अन्य अभ्यर्थियों को अधिक समय देना पड़ा। 200 प्रश्नों को करने के लिए कुल 180 मिनट का समय था। 50 प्रश्न जल्दी हल कर लेने वाले अभ्यर्थियों को शेष 150 प्रश्न करने के लिए अपेक्षाकृत अधिक समय मिल गया। इसलिए सिर्फ ए सिरीज को रद्द करने के बजाए पूरा 200 अंकों का प्रश्नपत्र रद्दकर नए सिरे से परीक्षा कराए जाए। कोर्ट ने दलील स्वीकार करते हुए ए सिरीज की परीक्षा रद्द कर दी है तथा द्वितीय पॉली की पूरी परीक्षा फिर से कराने का निर्देश दिया है।