फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिजलीकर्मी आज से हड़ताल पर, उपकेंद्रों पर फोर्स तैनात

Mon, 05 Oct 2020 07:47 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मी सोमवार से हड़ताल पर जाएंगे। जिले के सभी 20 डिवीजनों में बिजली आपूर्ति संभालने की जिम्मेदारी निजी कंपनी प्राइम वन वर्कफोर्स लिमिटेड को दी गई है। रविवार की शाम नए एमडी डॉ सरोज कुमार ने मुख्य अभियंता ओपी यादव से स्थिति की जानकारी ली और हड़ताल की स्थिति में आपूर्ति पर किसी भी तरह का असर न आने देने व वैकल्पिक इंतजाम पूरे करने के निर्देश दिए। हालात को देखते हुए उपकेंद्रों पर फोर्स लगा दी गई है।
विज्ञापन


पावर कारपोरेशन प्रबंधन एवं विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बीच वार्ता बेनतीजा होने के बाद आरपार के संघर्ष का एलान कर दिया गया। हालांकि विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने बिजली व्यवस्था में सकारात्मक सुधार के अपने संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से दोबारा अपील की कि ऊर्जा क्षेत्र में प्रबंधन की ओर से पैदा किए गए टकराव के वातावरण को समाप्त करने के लिए हस्तक्षेप करें, ताकि स्थिति संभाली जा सके।

रविवार को जार्ज टाउन स्थित मुख्य अभियंता पारेषण दफ्तर केसामने विरोध सभा में संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि पूर्व में ऊर्जा मंत्री पं श्रीकांत शर्मा के साथ हुए लिखित समझौते में तय हुआ था कि विद्युत वितरण निगमों की मौजूदा व्यवस्था में ही विद्युत वितरण में सुधार के लिए कर्मचारियों एवं अभियंताओं को विश्वास में लेकर सार्थक कदम उठाया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
विज्ञापन


संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि समझौते के अनुसार प्रबंधन बिजली कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियरों एवं अभियंताओं को विश्वास में लेकर आगे बढ़ने पर प्रबंधन की ओर से पहल नहीं की गई। संघर्ष समिति ने बताया कि ऊर्जा प्रबंधन की हठधर्मिता के कारण बिजली कामगारों के कार्य बहिष्कार के समर्थन में राष्ट्रीय स्तर पर इस आंदोलन को बल प्रदान करने के लिए देश भर के 15 लाख कर्मचारी कार्य बहिष्कार में शामिल होंगे।

 इससे पहले संघर्ष समिति ने बैठक कर सोमवार से शुरू हो रहे कार्य बहिष्कार को सफल बनाने के लिए रणनीति पर विचार किया। साथ ही अभियंताओं और कर्मचारियों को शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को सफल बनाने के निर्देश दिए। पदाधिकारियों ने बताया कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण व अन्य संस्थानों को निजी हाथों में हस्तांतरित किए जाने के प्रस्ताव के विरोध में बिजलीकर्मियों के शांतिपूर्ण आंदोलन को कुचलने की कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अस्पतालों, पेयजल संस्थानों की ठप नहीं होने दी जाएगी बिजली आपूर्ति

संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि सोमवार से प्रारंभ हो रहे कार्य बहिष्कार के दौरान बिजली उत्पादन गृहों, 765/400 केवी के विद्युत उपकेंद्रों एवं प्रणाली नियंत्रण में शिफ्ट वाइज कार्य करने वाले कर्मचारी शामिल नहीं होंगे। ताकि, जनता को तकलीफों का सामना न करना पड़े। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने यह भी बताया कि कार्य बहिष्कार के दौरान अस्पतालों के अलावा पेयजल व अन्य आवश्यक सेवाओं की विद्युत आपूर्ति बहाल रखी जाएगी। जिससे आम जनता को असुविधा का सामना न करना पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें