भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक
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उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति बेहतर होने और महज सियासी वजहों से इसे भाजपा की ओर से मुद्दा बनाए जाने संबंधी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आरोपों पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पलटवार किया है। उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर अखिलेश को जनमत सर्वेक्षण कराने और इसी मुद्दे पर चुनाव लड़ने की चुनौती दे डाली। वित्त मंत्री ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री प्रदेश की कानून व्यवस्था को दुरुस्त मानते हैं तो वह उन्हें इस मुद्दे पर जनमत सर्वेक्षण कराने की चुनौती देते हैं। सपा अगर चाहे तो इसी मुद्दे पर चुनाव भी लड़ा जा सकता है। जेटली ने दावा किया कि जनमत सर्वेक्षण से अखिलेश सरकार को हकीकत का अंदाज हो जाएगा।
पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में पारित प्रस्तावों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समापन भाषण से संबंधित जानकारी देने आए जेटली ने दो टूक शब्दों में कहा कि पार्टी यूपी विधानसभा चुनाव में विकास, सुशासन और सपा सरकार के दौरान कानून व्यवस्था की अराजक स्थिति को मुद्दा बनाएगी। इस दौरान उन्होंने सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए पार्टी की ओर से फिर से हिंदुत्व के एजेंडे पर चलने संबंधी आरोपों को खारिज कर दिया। जेटली ने कैराना में कथित तौर पर हिंदुओं के पलायन मामले को तूल देने संबंधी आरोपों को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि इसकी जांच के लिए समिति बना दी गई है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर पार्टी इस मुद्दे पर भावी रणनीति तय करेगी।