समाजवादी पार्टी में मुखिया मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव दो चुनावी चेहरे हैं और दोनों नेताओं की छवि साफ-सुथरी है। विधानसभा चुनाव और अगली सरकार बनाने में यही दोनों चेहरे अहम भूमिका में होंगे। ये बातें पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरनमय नंदा ने रविवार को संवाददाताओं से बातचीत में कही। उन्होंने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। इस मौके पर मुलायम संदेश यात्रा के बारे में भी बताया।
श्री नंदा ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव पर कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की जिम्मेदारी है और वह इसमें खरे उतरेंगे। कहा कि 2012 के विधानसभा चुनाव में सपा ने दो वादे किए थे, अखिलेश सरकार ने उसे पूरा किया। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे, लखनऊ मेट्रो ट्रेन परियोजना, जिसकी चर्चा चुनाव वादों में नहीं थी, उसे भी रिकार्ड समय में पूरा कराया जा रहा है। कहा कि लोकसभा चुनाव के नरेंद्र मोदी ने बड़े-बड़े वादे किए। सरकार बनने के बाद सांसदों ने जिन गांवों को गोद लिया, उनके लिए अलग से बजट नहीं आवंटित किया गया। केंद्र ने स्मार्ट सिटी की घोषणा तो कर दी लेकिन अभी तक धन देने की कोई योजना नहीं बनी। जो योजनाएं केंद्र के 75 प्रतिशत और राज्य के 25 प्रतिशत के सहयोग से चल रही थीं, उन्हें भी बंद कर दिया गया।
बताया कि इसके इतर सपा सरकार ने युवाओं को स्मार्ट फोन देने की घोषणा की है। 100 नंबर डायल और प्रभावशाली बनाया जाएगा। गांवों में शीघ्र 20-20 घंटे बिजली आपूर्ति की जाएगी। सपा विधानसभा चुनाव विकास के मुद्दे पर लड़ेगी। बताया कि मुलायम संदेश यात्रा सोमवार को रायबरेली में पहुंचकर समाप्त होगी। इसके बाद दूसरे चरण की यात्रा 25 सितंबर को दिल्ली से शुरू होगी, जो सीतापुर में खत्म होगी।