डीएम संजय कुमार ने मुंडेरामंडी जाकर ईवीएम की सुरक्षा का जायजा लिया।
पिछले विधानसभा चुनाव की तरह इस बार भी महिलाओं ने लोकतंत्र के महापर्व में पुरुषों से अधिक उत्साह दिखाया। महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों के मुकाबले अधिक रहा। इस बार के चुनाव में 56.28 फीसदी महिलाएं बूथों तक पहुंची जबकि पुरुष वोटरों में महज 52.41 फीसदी ने मतदान किया।
विधानसभावार मतदान प्रतिशत की बात करें तो सर्वाधिक शहरी क्षेत्र की तीनों विधानसभा सीटों को छोड़कर बाकी सभी सीटों पर 60 फीसदी से अधिक महिला वोटरों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वहीं, पुरुष वोटर किसी भी विधानसभा क्षेत्र में 60 फीसदी का आंकड़ा नहीं छू सके। सिर्फ शहर पश्चिमी और शहर दक्षिणी में महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों के मुकाबले कम रहा जबकि शहर उत्तरी में यह आंकड़ा तकरीबन बराबरी पर रहा। 2012 के विधानसभा चुनाव में भी कमोवेश यही स्थिति थी। कोरांव को छोड़ सभी विधानसभा क्षेत्रों में 60 फीसदी से कम पुरुष वोटर बूथों तक पहुंचे थे। हालांकि महिला वोटरों के मामले में इस बार स्थिति काफी बेहतर है। पिछली बार मेजा, करछना, शहर पश्चिमी, शहर उत्तरी, शहर दक्षिणी और बारा विधानसभा क्षेत्र में 60 फीसदी से कम महिलाओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था।