हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी विद्यालय को वित्तीय अनुदान देना या नहीं देना सरकार का नीतिगत मामला है। बच्चों को प्राथमिक शिक्षा पाने का अधिकार है मगर इसका यह अर्थ नहीं है कि सरकार सभी एससी/एसटी स्कूलों को वित्तीय अनुदान दे। यह सरकार का नीतिगत मामला है और कोर्ट सरकार को नीति बनाने का आदेश नहीं दे सकती है। हाईकोर्ट ने गैर अनुदान प्राप्त एससी-एसटी विद्यालयों को अनुदान दिए जाने की मांग में दाखिल याचिका पर हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया।
अनुसूचित जनजाति प्राथमिक विद्यालय शिक्षक कल्याण समिति की जनहित याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति डा. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने सुनवाई की। याचिका में कहा गया कि प्रदेश के कई एससी-एसटी विद्यालय बंद होने के कगार पर है क्योंकि इनको सरकार की ओर से कोई सहायता नहीं मिल रही है। कोर्ट का कहना था कि स्कूलों को आर्थिक अनुदान या नहीं देना सरकार का विषय है क्योंकि यह आर्थिक मामला है और कोर्ट सरकार को इसके लिए विवश नहीं कर सकती है।