आपका घर महाकुंभ मेला क्षेत्र के आसपास पड़ता है और अगले कुछ दिनों में पुलिस घर पर तस्दीक दे तो चाैंकिएगा नहीं। पुलिसकर्मी घर में रहने वालों और किरायेदारों का नाम-पता पूछे तो भी घबराने की बात नहीं। दरअसल, यह उस एक्शन प्लान का हिस्सा है जो पुलिस ने मेले को सुरक्षित बनाने के लिए शुरू की है। इसके तहत पुलिस हर घर में दस्तक देकर वहां रहने वालों या पनाह लेने वालों की तस्दीक करेगी।
महाकुंभ मेले में काफी लोग बाहर से आते हैं। बहुत से लोग मेला क्षेत्र के आसपास रहने वालों के घर में पनाह लेते हैं। इनमें परिचित और रिश्तेदारों के साथ-साथ बड़ी संख्या ऐसे भी लोगों की होती है जो व्यापार के सिलसिले में मेला अवधि तक किराये के कमरों में रहते हैं।
इसी को देखते हुए पुलिस ने ऐसे सभी लोगों के सत्यापन का निर्णय लिया गया है जो मेला क्षेत्र के आसपास रहते हैं। डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव ने यह एक्शन प्लान बनाया है।
इसकी शुरुआत अरैल से होगी। अरैल में ही वीआईपी घाट बनना है और देश-विदेश की तमाम हस्तियां यहीं पहुंचेंगी। बीट कांस्टेबलों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह मेला क्षेत्र के आसपास रहने वालों के बारे में जानकारी जुटाएं और रिकॉर्ड मेंटेन करें। घरों में दस्तक देकर स्थानीय लोगों से सामंजस्य स्थापित कर सत्यापन कराएं।
तीन चरण, डेढ़ माह में तैयार होगा रिकॉर्ड
डीसीपी यमुनानगर ने बताया कि यह पूरा प्लान तीन चरणों में डेढ़ माह में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में आसपास रहने वालों का रिकॉर्ड तैयार होगा। दूसरे चरण में किरायेदारों का सत्यापन होगा। तीसरे चरण में दुकानों पर काम करने वालों का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इस तरह से मेला शुरू होने से पहले पुलिस के पास आसपास रहने वालों के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध होगी।