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 पुलिस गवाहों के खिलाफ वारंट

Wed, 05 Oct 2016 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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कोर्ट - फोटो : डेमो फोटो
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इलाहाबाद। चौदह साल से लंबित बलवा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मुकदमें में जिला न्यायालय ने दरोगा सहित पांच के खिलाफ जमानती वारंट का आदेश किया है। मामले की सुनवाई पांच नवंबर 2016 को होगी।
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यह आदेश डा0 अनिल कुमार सिंह ने अभियुक्तों के अधिवक्ता खान फरहद हनीफ और आशीष यादव को सुनकर दिया है।
अभियोजन के अनुसार मामला जार्जटाऊन थाना का है। दो अगस्त 2002 को कचहरी में पेशी के लिए आए अतीक अहमद पर बम से हमला हो गया था। जिसमें वह घायल हो गए थे। आरोप है कि पुलिस उन्हे लेकर इलाज के लिए जा रही थी कि एसआरएन चौराहे पर उनके समर्थकों  ने बलवा किया और सरकारी बस में तोड़ फोड़ की थी। इस घटना में अतीक अहमद, अब्बास, मो0 सलीम, फारुख, अख्तर, अकरम, गुड्डू आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमा गवाही में चल रहा है और वादी राज भान तिवारी का ही बयान हुआ है। पुलिस के गवाहों को कई बार नोटिस दी गई लेकिन वे गवाही के लिए उपस्थित नहीं हो रहे है। अदालत ने दरोगा आरके सिंह, सिपाही सुरेश चंद्र, सुभाष चंद्र, डीसी मिश्रा, बीके सोनी, एसएन त्रिपाठी आदि के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है।

इंस्पेक्टर कर्नलगंज को कोर्ट ने किया तलब 
इलाहाबाद। तीन माह से मांगी जा रही रिपोर्ट प्रस्तुत न करने पर सीजेएम रेशमा प्रवीण ने इंस्पेक्टर कर्नलगंज को उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। मामले की सुनवाई 28 अक्टूबर 2016 को होगी।
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तहसील सदर के संग्रह अमीन अजय कुमार मिश्र ने कमीश्नर, एसडीएम सदर, तहसीलदार और चार अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की अर्जी दी रखी है जिस पर कोर्ट ने कर्नलगंज थाने से 30 जुलाई 2016 को रिपोर्ट देने का आदेश दिया था।  तीन माह बीत जाने के बाद भी अभी तक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई है।

सीआरपी कर्मी की पत्नी की हत्या में जमानत खारिज
इलाहाबाद। जिला न्यायालय ने सीआरपीएफ दरोगा की पत्नी की चाकू से हत्या करने के मामले में आरोपी विक्की बिहारी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। यह आदेश प्रभारी जिला जज मुकेश प्रकाश ने डीजीसी राम अभिलाष सिंह को सुनकर दिया है।
मामला औद्योगिक श्रेत्र थाना का है। वादी सुनील सिंह जो कि सीआरपीएफ में एसआई है ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी पत्नी दो बच्चों के साथ सड़वा के शांतिपुरम कालोनी में किराए के कमरे में रहती थी। 21 जुलाई 2015 को सुबह वह बच्चों को केंद्रीय विद्यालय छोड़ कर आई थी कि आरोपी घर में घुस गया और दुराचार करने का प्रयास किया था। विरोध करने पर उसने चाकू से हमला कर हत्या कर दी थी। अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरेापी की जमानत अर्जी खारिज कर दिया है।
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