कोरांव बाजार में मंगलवार शाम कब्जे हटाने गई पुलिस टीम पर घर के अंदर रहे लोगों ने पथराव कर दिया। इस दौरान कई पुलिसकर्मियों को मामूली रूप से चोटें भी आई है। हंगामे के बीच पुलिस प्रशासन ने कब्जा हटवा दिया।
कोरांव-मेजा मुख्य मार्ग पर काफी समय से आबादी की भूमि को लेकर दो पक्षों में विवाद चल रहा है। 27 फरवरी को कपूर चंद्र केसरी के पक्ष में न्यायालय ने फैसला दिया था।
मंगलवार को एसडीएम संदीप तिवारी राजस्व टीम एवं पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और टीन शेड में रह रहे लोगों को घर से बाहर निकलने के लिए कहा, लेकिन अंदर रहे लोग पत्थर चलाने लगे। इसके बाद पुलिस ने घर के अंदर रहे लोगों को जबरन बाहर निकाला और थाने ले गई।
इस दौरान ईंट-पत्थर चलने से कई पुलिस कर्मियों को आंशिक रूप से चोटें भी आई है। इसके बाद जेसीबी से टीन शेड को ध्वस्त कर दिया गया। इससे पहले भी पुलिस प्रशासन ने कब्जे को हटवाने का प्रयास किया था, लेकिन आरोपी नहीं हटे थे।
बता दें कि रमेश चंद्र केसरी, रामजी, अशोक आदि व कपूर चंद्र केसरी के बीच आबादी के भूखंड को लेकर विवाद चल रहा था। रमेश चंद्र केसरी ने आरोप लगाते हुए कहा कि एसडीएम के पास कोर्ट का कोई आदेश नहीं है। दूसरे के कहने पर वे कार्रवाई कर रहे हैं। ग्राम न्यायालय कोरांव ने कपूर चंद्र केसरी के पक्ष में आदेश पारित करते हुए कब्जा दखल दिलाने का आदेश जारी किया था। इसी क्रम में एसडीएम ने कब्जे को हटवाया। एसडीएम संदीप तिवारी ने बताया कि ग्राम न्यायालय के आदेश पर कब्जे को हटाया गया है।