इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि कोराना संक्रमण की दूसरी लहर फैलने से रोकने के लिए मास्क और सोशल डिस्टेसिंग का कड़ाई से पालन अनिवार्य है। इसके लिए पुलिस हर सड़क और गली मोहल्ले में कड़ी निगरानी करे कि कोई भी व्यक्ति बिना मास्क लगाए घर से बाहर न निकले। कोर्ट ने इसकी निगरानी करने वाली टास्क फोर्स को ऐसे अधिकार देने के लिए कहा है ताकि वह अपना काम आसानी से कर सके। इस आदेश को प्रयागराज के अलावा कानपुर, वाराणसी, लखनऊ और आगरा में अमल लाने का निर्देश दिया है। अगले चरण अदालत प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी आदेश पारित करेगी।
पटरी दुकानदारों को दें वैकल्पिक स्थान
कोर्ट ने कहा कि प्रयागराज में 57136 स्थानों से हॉकरों, वेंडरों के अवैध कब्जे हटाए गए हैं। शहर में 28 वेंडिंग जोन का निर्धारण किया गया है। इस पर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने पूरे राज्य में 9 लाख 39 हजार 759 स्थलों से हटाए गए हॉकरों को एक माह में उचित स्थान उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।कैट क्षेत्र में आवागमन बंद करने का आदेश तलब
कैंटोंनमेंट एरिया की सड़कें आम लोगों के लिए बंद करने के मुद्दे पर रामानुज तिवारी ने कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। इस पर वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने पक्ष रखा। उन्होंने केंद्र सरकार के आदेश का हवाला देकर कहा कि कैंट क्षेत्रों की सड़कों को आम लोगों के आवागमन हेतु बंद नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने भारत सरकार के अधिवक्ता से रक्षा मंत्रालय के इस संबंध में जारी आदेशों को दाखिल करने का भी निर्देश दिया है। यह भी कहा है कि यदि अगली सुनवाई पर सड़क बंद करने का लिखित आदेश नहीं दे पाते हैं तो जिम्मेदारी अधिकारी रिकार्ड के साथ अदालत में उपस्थित रहें। याचिका की सुनवाई नौ नवंबर को होगी।