फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दल्ली, मुंबई से लौटे लोगों से मांग रहे मेडकल सटफकेट

विज्ञापन
police said give the medical cerificate - फोटो : CITY DESK
विज्ञापन
प्रयागराज। कोरोना की मीडिया, सोशल मीडिया पर आ रही लगातार खबरों को देखते हुए लोगों की सजगता बढ़ गई है। शहर हो या गांव के लोग विदेश से आने वालों को संदेह की नजर से देख ही रहे हैं। दिल्ली, मुंबई, पुणे से आने वाले लोगों से मेडिकल सर्टिफिकेट मांग रहे हैं। बुधवार को कोरोना की ओपीडी में पहुंचने वाले दर्जनों मरीजों ने ऐसी बातें डॉक्टर से बताई। डॉक्टरों ने उन्हें कोरोना नहीं बल्कि मौसमी वायरल का होना बताया। कहा कि वे घर पर ही दो सप्ताह क्वारंटीन में रहें। बुधवार को कोरोना ओपीडी में पहुंचने वालों की संख्या सवा सौ से अधिक रही। हालांकि, किसी को भी आइसोलेट नहीं किया गया।
विज्ञापन

अस्पताल के चिकित्सकों के मुताबिक शहर के करेली, नखासकोहना, जार्जटाउन, दारागंज, शिवकुटी आदि मोहल्लों से ऐसे मरीज ओपीडी में पहुंचे। जो एक सप्ताह के अंदर ही दिल्ली, मुंबई से लौटे हैं। उनके साथ उनके घर वाले भी थे। ऐसे लोग जब यहां पहुंचे तो उनके आसपास के लोगों ने उनसे दूरी बना ली। कहा कि पहले स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय जाकर जांच करवाओ। डॉक्टर के कहने के बाद ही घर आना। ऐसे लोग मौसमी वायरल की चपेट में थे। उन्होंने कोरोना की आशंका जताई लेकिन उनमें लक्षण नहीं नजर आए। इसकी वजह से उनको घर पर ही परिवार से अलग रहने को कहा गया।
नखासकोहना के रहने वाले बुजुर्ग दंपति मुंबई से लौटे थे। उन्होंने चिकित्सकों को नहीं दिखाया। इस पर आसपास के लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से शिकायत की। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर उन्हें 108 नंबर की एंबुलेंस से एसआरएन भेज दिया। यहां पहुंचने पर उनकी टूर और मेडिकल हिस्ट्री बनाई गई तो उनमें कोरोना के लक्षण नहीं आए। लिहाजा, उन्हें घर पर आइसोलेट कर दिया गया। उनसे कहा गया कि वे किसी से नहीं मिलेंगे। दंपति अपने घर चले गए। नोडल अधिकारी डॉ. सुजीत कुमार ने कहा कि उनसे जानकारी लेने के बाद उनके मन में बने भय को दूर किया गया और उन्हें घर पर ही रहने की सलाह दी। उन्हें मोबाइल नंबर दिया गया है। कहा गया है कि अगर उन्हें कोई दिक्कत होगी तो वे तुरंत संपर्क करें। उन्होंने बताया कि बुधवार को ओपीडी में सवा सौ से अधिक मरीज पहुंचे थे। किसी में कोरोना के लक्षण नहीं मिले।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें