सीएए व एनआरसी को लेकर अफवाहों से दूर रहने की गुजारिश
दिन भर चला बैठकों का दौर, संगीनों के साए में कायम रहा अमन
प्रयागराज। नागरिकता संशोधन कानून(सीएए) के विरोध में हुए प्रदर्शन के तीसरे दिन भी शहर में हर तरफ माहौल शांत रहा। उधर पुलिस रविवार को शहर भर की मस्जिदों व मदरसेां में पहुंची और अफवाहों से दूरे रहने की गुजारिश के साथ ही उनसे शांति बनाए रखने की भी अपील की। दिन भर अलग-अलग इलाकों में पहुंचकर स्थानीय लोगों के साथ बैठकें भी कीं। उधर संगीनों के साए में शहर में चौतरफा अमन-चैन कायम रहा।
रविवार को पुलिस अफसरों ने सुबह सबसे पहले संवेदनशील स्थानों का जायज लिया। स्थिति सामान्य मिलने के बाद उन्होंने शहर के तमाम इलाकों में स्थित मस्जिदों व मदरसों का रुख किया। वहां पहुंचकर लोगों को बताया गया कि सीएए व एनआरसी के मुद्दे पर कुछ लोग गलत बातें प्रचारित कर उन्हें भड़काने का काम कर रहे हैं। जिससे दूर रहने की जरूरत है। इस दौरान सीएए व एनआरसी के मुद्दे को लेकर सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी से भी परिचित कराते हुए लोगों से शांति की अपील की। इसके अलावा पुराने शहर के तमाम मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में पहुंचकर प्रबुद्ध जनों के सहयोग से स्थानीय लोगों संग बैठकें की। साथ ही उनसे कहा कि वह शांति व्यवस्था कायम रखने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।
एसपी सिटी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने कोतवाली, करेली, खुल्दाबाद, शाहगंज, अतरसुइया समेत अन्य इलाकों का दिन भर दौरा किया और स्थानीय लोगों संग बैठकें कर उन्हेें अफवाहों से दूर रहने के लिए समझाया। उधर पुलिस व प्रशासन के अन्य अफसरों ने भी अलग-अलग इलाकेां में पहुंचकर स्थानीय लोगों से बातचीत कर अमन चैन कायम रखने की अपील की। एसपी सिटी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि रविवार को लगातार तीसरे दिन शहर में अमन चैन कायम रहा। कहीं से भी किसी तरह की अप्रिय सूचना नहीं आई। पुलिस टीम ने मस्जिदों व मदरसों में पहुंचकर लोगों से बातचीत की। साथ ही उनसे शांति व्यवस्था कायम रखने की अपील की।
एहतियान बढ़ा दी गई फोर्स
रविवार को भले ही शांति रही हो लेकिन रविवार को अचानक शहर में तैनात फोर्स की संख्या में भी बढ़ोत्तरी कर दी गई। पुलिस अफसरों ने बताया कि रविवार को सुरक्षा व्यवस्था में 250 और जवानों को लगाया गया था। पीएसी व आरएएफ को मिला लें तो दो हजार से ज्यादा जवानों को अलग-अलग स्थानों पर मुस्तैद किया गया था। फोर्स की संख्या में बढ़ोतरी की वजह पूछने पर अफसर इसे एहतियात के तौर पर उठाया गया कदम बताते रहे।
वसूली की कार्रवाई की संभावना नहीं
उधर सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान पर आरोपियों से वसूली के मामले में शहर में किसी कार्रवाई की संभावना नहीं है। इसलिए क्योंकि अफसरों का कहना है कि फिलहाल शहर में सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की कोई घटना नहीं हुई है। धारा 144 के उल्लंघन में जो भी कार्रवाई बनती है, वह की जा रही है।
फिलहाल शांति व्यवस्था कायम करने पर जोर
उधर प्रदर्शनकारियोें पर कार्रवाई के क्रम में दो दिन पहले दर्ज हुए मामलों के आरोपियों को चिह्नित करने का काम शुरू कर दिया गया है। बता दें कि शुक्रवार को शहर भर में हुए प्रदर्शन के मामलों में छह अलग-अलग थानों में कुल 10100 लोगों पर धारा 144 के उल्लंघन के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जिनमें 100 नामजद भी थे। हालांकि अब तक पुलिस कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सकी है। जिस पर अफसरों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से सैकड़ों आरोपियों को चिह्नित कर लिया गया है। हालांकि फिलहाल सारा जोर शांति व्यवस्था कायम करने पर है। रही बात मुकदमों की तो जो भी विधिक कार्रवाई होगी, की जाएगी।