शहर के कीडगंज थाना क्षेत्र निवासी दुष्कर्म पीड़िता को ब्लैकमेल करने और धमकी देने के आरोपी लाइन हाजिर दरोगा नरेश यादव को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। एसीपी झूंसी की जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की गई है। पीड़ित महिला झूंसी के जीटी रोड स्थित एक पैथोलॉजी सेंटर में काम करती थी। आरोप था कि पैथोलॉजी सेंटर के संचालक विनोद मिश्र ने शादी का झांसा देकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी देता रहा। बाद में वीडियो उसके पति को भेज दिया गया।
परेशान होकर महिला ने सितंबर 2025 में आरोपी पैथोलॉजी संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। छह अक्टूबर को महिला ने आरोपी विनोद मिश्र की पत्नी अमृता मिश्र के खिलाफ एफआईआर वापस लेने की धमकी देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। तीन दिन पहले महिला ने पुलिस कमिश्नर को तहरीर देकर अपनी पीड़ा बताई। उनके निर्देश पर विवेचक रहे दरोगा नरेश यादव व दुष्कर्म के आरोपी विनोद मिश्र व पत्नी अमृता मिश्र के खिलाफ ब्लैकमेल करने और धमकी देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई। दुष्कर्म पीड़िता ने कहा है कि दरोगा के खिलाफ उसके पास धमकी देने से जुड़े सभी साक्ष्य हैं। वहीं पैथोलॉजी संचालक विनोद मिश्र अग्रिम जमानत पर है। जबकि पत्नी की भूमिका पर पुलिस जांच कर रही है।
अभद्र व्यवहार के चलते दरोगा को लाइन हाजिर किया गया था। बृहस्पतिवार को आरोपी दरोगा को गिरफ्तार किया गया। कोर्ट के समक्ष पेश कर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
- मनीष शांडिल्य, डीसीपी सिटी