पीड़िता काटती रही थाने का चक्कर, शिकायत पर अफसरों ने लिया संज्ञान तब लिखी रिपोर्ट अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। धूमनगंज पुलिस छेड़खानी की शिकायतों को भी लेकर गंभीर नहीं है। शिकायत लेकर 11 दिन तक पीड़िता थाने के चक्कर काटती रही लेकिन सुनवाई नहीं हुई। मामले की जानकारी पर उच्चाधिकारियों ने संज्ञान लिया तब जाकर रिपोर्ट दर्ज की गई। धूमनगंज में रहने वाली 30 वर्षीय युवती का आरोप है कि 6 मई कि सुबह 7:00 बजे वह अपनी मां के साथ दवा लेकर आ रही थी। तभी सचिन पासी व जितेंद्र पासी अपने 5-6 अज्ञात साथियों के साथ रास्ते में उससे छेड़खानी करने लगे। विरोध पर ना सिर्फ गाली गलौज की बल्कि उसे पीटा भी और फिर जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए। पीड़िता ने उसी दिन घटना की शिकायत धूमनगंज थाने में की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आरोप है कि 8 मई को आरोपी फिर उसके घर पर चढ़ाएं और गाली गलौज करते हुए जान से मारने को धमकाया। आरोप है कि शिकायत लेकर लगातार धूमनगंज थाने का चक्कर काटती रही लेकिन उसकी रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई। यही नहीं सोमवार को एक बार फिर जब पीड़िता अपने भाई के साथ थाने पहुंची तो उसे ही वहां बैठा लिया गया। आरोप है कि इस दौरान युवती से पुलिसकर्मियों ने अभद्र भाषा का भी प्रयोग किया। इसके बाद परिजनों ने मामले की शिकायत सीओ सिविल लाइंस से की। जानकारी पर सीओ ने धूमनगंज पुलिस को निर्देशित किया तब जाकर पीड़िता की शिकायत पर नामजद एफआईआर दर्ज की गई।