इस रिपोर्ट के आधार पर विवेचक ने अभियुक्त के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के प्रयास का आरोप पत्र ट्रायल कोर्ट में दाखिल कर दिया, जबकि सीटी स्कैन के आधार पर मामला हत्या के प्रयास का गंभीर मामला बनता था। कोर्ट ने इसे घोर लापरवाही करार देते हुए सेवानिवृत्त हो चुके डॉक्टर पर 10 हजार रुपये हर्जाना लगाया। यह राशि 15 दिन में डॉक्टर को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फिरोजाबाद में जमा करनी होगी। वहीं, फिरोजाबाद के एसपी को विवेचक के खिलाफ जांच कराने का आदेश दिया है।
आदेश की प्रति एसपी और न्यायिक प्रशिक्षण संस्थान भेजने का आदेश
अदालत ने आदेश की प्रति फिरोजाबाद के एसपी और न्यायिक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान को भेजने का निर्देश दिया, ताकि न्यायिक अधिकारियों को इस फैसले का सही मतलब समझाया जा सके।