डिप्टी डायरेक्टर अमन शर्मा ने बताया कि हर जवान को पहले खतरे को भांपना होगा। इसके बाद फैसला लेते हुए तुरंत एंबुलेंस को सूचित करना होगा, भीड़ को हटाना होगा, इसमें लीडर की जरूरत होगी। खास बात है कि अगर कोई आग से झुलसा है तो सबसे पहले पानी डालना है कि नहीं, कैसे स्ट्रेचर पर लिटाए, ट्रांसपोटेशन की व्यवस्था क्या है। इन सब बातों पर ध्यान देने की जरूरत है।
महाकुंभ मेले में आग समेत अन्य दुर्घटना में घायलों को बेहतर ट्रीटमेंट देने से पहले कई बातों का ख्याल रखना चाहिए। इनमें सबसे जरूरी घायल को स्ट्रेचर पर सही तरह से लिटाना है। यह बात शुक्रवार को महाकुंभ दमकल विभाग मुख्यालय में पुलिसकर्मियों के लिए आयोजित प्रशिक्षण के दौरान डिप्टी डायरेक्टर अमन शर्मा ने कही।
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उन्होंने कहा कि महाकुंभ मेले में 45 करोड़ के करीब श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई जा रही है। अधिक भीड़ में हादसों से बचाव के लिए दमकल विभाग के पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इन पुलिसकर्मियों को स्पेशल ट्रेंड रेस्क्यू ग्रुप (एसटीआरजी) नाम दिया गया है। इसमें 200 जवानों को शामिल किया गया है, जो प्रदेश भर से अलग-अलग जिलों से आए हुए हैं।
डिप्टी डायरेक्टर अमन शर्मा ने बताया कि हर जवान को पहले खतरे को भांपना होगा। इसके बाद फैसला लेते हुए तुरंत एंबुलेंस को सूचित करना होगा, भीड़ को हटाना होगा, इसमें लीडर की जरूरत होगी। खास बात है कि अगर कोई आग से झुलसा है तो सबसे पहले पानी डालना है कि नहीं, कैसे स्ट्रेचर पर लिटाए, ट्रांसपोटेशन की व्यवस्था क्या है। इन सब बातों पर ध्यान देने की जरूरत है।
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महाकुंभ मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रमाेद शर्मा ने कहा कि तीन दिन का प्रशिक्षण शिविर शुक्रवार को शुरू हुआ जो रविवार को संपन्न होगा। प्रशिक्षित जवानों को एक सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। इसके बाद वह अपने-अपने जिले में अन्य पुलिस जवानों को भी प्रशिक्षित करने का काम करेंगे।