इसके बावजूद वह पुश्तैनी बहादुरगंज स्थित मकान को हथियाना चाहता है और याची को परेशान करने के लिए झूठा केस दर्ज कराया है। याची और उसके दोनों बेटों पर मां को जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाया है। एफआईआर में ही लिखा है कि शोर सुनकर शिकायत कर्ता का बेटा गौरव वैश्य भी पहुंचा। उसके सामने गाली गलौज की घटना हुई।
याची ने मृत्यु प्रमाणपत्र पेश किया कि गौरव वैश्य की मौत घटना के लगभग दो साल पहले दो फरवरी 2019 को हो चुकी है। घटना 10 नवंबर 20 की बताई गई है। याची का कहना है कि केस फर्जी है, जिसे रद किया जाय। याचिका की अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी।