दूसरों के जीवन को संकट में डाला
प्रोफेसर पर दर्ज दोनों मामलों में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। शिवकुटी में उन पर धारा 144 के उल्लंघन व महामारी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस का कहना है कि प्रोफेसर दिल्ली में आयोजित तबलीगी जमात के जलसे में शामिल हुए और शहर में आने के बाद भी यह जानकारी छिपाए रहे। यही नहीं, विवि भी गए और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का भी पालन नहीं किया। पुलिस का कहना है कि उन्होंने जानबूझकर दूसरों के जीवन को संकट में डाला। शिवकुटी पुलिस का कहना है कि विवेचना जैसे ही पूूरी होती है, मामले में चार्जशीट लगाई जाएगी।
जमातियों के मददगारों के जरिए हुई थी बात
उधर, शाहगंज में दर्ज मामले में उनका नाम आपराधिक साजिश के आरोप में प्रकाश में लाया गया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि प्रोफेसर की कॉल डिटेल में इंडोनशिया से आए जमातियों के मददगार के तौर पर आए दो मददगारों के नंबर पर बातचीत के सबूत मिले हैं। ऐसे में वीजा नियमों का उल्लंघन में फारेनर्स एक्ट के तहत आरोपी बनाए गए इंडोनेशियाई नागरिकों के साथ ही वह भी इसी कृत्य के दोषी बनते हैं। जल्द ही सभी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जाएगी।