अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के उपलक्ष्य में शहर में आयोजित कार्यक्रमों को देखते हुए कड़े सुरक्षा प्रबंध रहे। हनुमान मंदिर समेत सभी प्रमुख धर्मस्थलों के बाहर क्विक रिस्पांस टीम(क्यूआरटी) तैनात रही। उधर चौराहों व अन्य संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा का जिम्मा स्थानीय थाना पुलिस ने संभाला।
प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के मद्देनजर शहर में प्रमुख मंदिरों में विविध आयोजन किए गए थे। इसे देखते हुए ही पुलिस की ओर से 10 क्यूआरटी का गठन किया गया था। प्रत्येक क्यूआरटी एक इंस्पेक्टर के नेतृत्व में गठित की गई थी जिसमें छह एसआई, दो हेड कांस्टेबल व एक कांस्टेबल शामिल किए गए थे। सिविल लाइंस में हनुमत निकेतन के अलावा सुभाष चौराहे पर भी एक क्यूआरटी को तैनात किया गया था।
इसके अलावा बंधवा बड़े हनुमान मंदिर, मनकामेश्वर मंदिर, नवग्रह मंदिर आदि के बाहर भी क्यूआरटी के जवानों को सुबह से ही मुस्तैद कर दिया गया था। उधर बाजारों व चौराहों पर सुरक्षा का जिम्मा स्थानीय थाना पुलिस ने संभाला। दरअसल लगभग सभी थाना क्षेत्रों में प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में शोभायात्रा व पूजन आदि का कार्यक्रम आयोजित था।
1.5 सेक्शन पीएसी को भी किया गया मुस्तैद
सोमवार को सबसे ज्यादा भीड़ सिविल लाइंस में रही। दरअसल बड़ी संख्या में लोग सिविल लाइंस स्थित हनुमत निकेतन में दर्शन पूजन को पहुंचे। मंदिर में दोपहर 12 बजे के बाद भीड़ जुटना शुरू हुई। एक बजते-बजते यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच चुके थे। हालांकि सुरक्षा के मद्देनजर क्यूआरटी को सुबह से ही यहां तैनात कर दिया गया था। भीड़ बढ़ने पर हनुमत निकेतन से हिंदू हॉस्टल व वापसी वाले रास्ते पर आने वाले यातायात को डायवर्ट भी किया गया। उधर सुभाष चौराहे पर पीएसी के जवानों को भी तैनात किया गया था। यहां 1.5 सेक्शन पीएसी को मुस्तैद किया गया था।