छात्रों पर लाठीचार्ज करने का आरोप
प्रतियोगी छात्र सुनील यादव ने बताया कि टीजीटी-पीजीटी भर्ती में छात्रों के हितों से जुड़े सवालों और अन्य महत्वपूर्ण मांगों को लेकर नौजवान आमरण अनशन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठा रहे थे। आधी रात करीब 1:30 बजे पुलिस द्वारा लाठीचार्ज कर आंदोलन को तितर-बितर करने की कार्रवाई बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। आंदोलनरत छात्रों को स्वरूप रानी अस्पताल ले ले जाया गया। सवाल यह है कि अपने अधिकार और रोजगार की मांग कर रहे प्रतियोगी छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उन पर लाठियां क्यों बरसाई गईं।
यह दमन आंदोलन को खत्म नहीं कर सकता, बल्कि छात्रों के आक्रोश को और मजबूत करेगा। सरकार और प्रशासन को समझना चाहिए कि प्रदेश का नौजवान रोजगार और न्याय मांग रहा है, किसी से खैरात नहीं। आज की यह कार्रवाई सरकार के ताबूत में आखिरी कील साबित होगी।
सांसद चंद्रशेखर आजाद ने साझा किया पोस्ट।
- फोटो : अमर उजाला।
प्रयागराज में अपने भविष्य और रोजगार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज कर उनकी आवाज दबाने का प्रयास बेहद शर्मनाक और निंदनीय है। शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ बल प्रयोग किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थी 5 सितंबर से पुराने नियमों के तहत भर्ती विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। नई नियमावली में पीजीटी भर्ती की पात्रता और परीक्षा प्रक्रिया में किए गए बदलावों का भी वे विरोध कर रहे हैं। कई अभ्यर्थी अन्न-जल त्याग कर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। ऐसे में सरकार को बल प्रयोग के बजाय छात्रों से बातचीत कर उनकी मांगों का समाधान निकालना चाहिए।
सरकार के इशारे पर पूरे शहर में धारा 163 लागू किए जाने की जानकारी सामने आ रही है। सभी छात्रों से अपील है कि वे जहां हैं, वहीं रहें और अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें। वहीं, जो छात्र अभी लापता बताए जा रहे हैं, उन्हें तलाशने के लिए तत्काल प्रयास किए जाने चाहिए।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी को छात्रों की जायज मांगें सुनकर उनके साथ न्याय करना चाहिए। लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे छात्रों के दमन के बजाय सरकार को उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
@UPGovt से हमारी मांग है कि गिरफ्तार किए गए सभी छात्रों को तत्काल रिहा किया जाए, उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं और टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों की मांगों पर तत्काल बातचीत कर उचित समाधान निकाला जाए।
सीजेपी ने सरकार पर साधा निशाना।
- फोटो : अमर उजाला।
सीजेपी ने अपने पोस्ट में लिखा है कि - सरकार ने कल प्रयागराज में छात्रों को जबरन धरनास्थल से हटाकर खुद अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली है। उत्तर प्रदेश सरकार अपने यहां छात्रों को सिर्फ बेरोजगार देखना चाहती है। लेकिन एक बात मैं स्पष्ट कर देता हूं कि कुछ भी कर लो पर ये सब करके अपने मंसूबे में कामयाब नहीं होंगे।
सपा के द्वारा किया गया पोस्ट।
- फोटो : अमर उजाला।
सपा मीडिया सेल ने एक्स पर पोस्ट किया कि- रात के दो बजे पुलिस का बल प्रयोग करके प्रयागराज में टीजीटी पीजीटी प्रदर्शनकारियों को जबरन धरना से उठा दिया गया जो कि शर्मनाक है। यह सरकार हमारी आपकी आवाज नहीं सुनेगी। क्योंकि भाजपा सरकार अहंकारी है। इसलिए इस अहंकारी भाजपा सरकार को सत्ता से बेदखल करना ही हमारा एक मात्र उद्देश्य है।
आप सांसद संजय सिंह ने की कार्रवाई की निंदा।
- फोटो : अमर उजाला।
प्रयागराज में योगीराज या गुंडाराज?
60,000 शिक्षकों की भर्ती की मांग और माध्यमिक शिक्षकों की भर्ती के नियमों में किए गए बदलावों के विरोध में शांतिपूर्ण तरीके से भूख हड़ताल/धरने पर बैठे छात्रों के खिलाफ पुलिस की बर्बरता देखिए।
रात 2 बजे छात्रों को गुंडों की तरह पीटा गया।
लोकतंत्र में यह लाठी तंत्र आपके “तानाशाही शासन” के अंत का कारण बनेगा, योगी जी।