अमर उजाला ब्यूरो. प्रयागराज। लॉकडाउन के चलते मौजूदा समय में पूरा जिला छावनी में तब्दील है। इसके बावजूद बदमाश पुलिस को चकमा देने में कामयाब हो जा रहे हैं। फिर चाहे वह हत्यारोपियों की बात हो या फिर लूट और फायरिंग करने वाले बदमाशों की। यहां तक कि मालखाने से शराब बेचने के आरोपी दीवान का भी पता लगा पाने में पुलिस नाकाम है। करेली में 4 अप्रैल को लोटन निषाद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। लाकडाउन के दौरान हुई इस वारदात को शासन ने भी बेहद गंभीरता से लिया था। लेकिन हत्याकांड के पांच आरोपी 8 दिन बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। जाकिर अली, शादाब व नौशाद समेत पांचों आरोपी अब तक नहीं पकड़ी जा सके। बेखौफ बदमाशों ने 3 दिन बाद ही करेली इलाके में एक और सनसनीखेज वारदात की। पूरे मनोहर दास का बगिया में किराना दुकानदार सारिक से 12000 लूटने के बाद फायरिंग भी की। पुलिस ने इस मामले में शेरा को गिरफ्तार किया। लेकिन मुख्य आरोपी विक्की व उसके साथी वसीम का अब तक पता नहीं चल सका है। उधर शेरा के घर वालों का तो यह भी आरोप है कि पुलिस उसे घर से उठाकर ले गई और फर्जी मुठभेड़ दिखाकर गिरफ्तार कर लिया। बदमाशों को तो छोड़िए, पुलिस थाने के मालखाने से शराब चुराकर बेचने की आरोपी अपने ही विभाग के दीवान का भी पता नहीं लगा पा रही है। बता दें कि 4 दिन पहले सोरांव थाने के मालखाना प्रभारी विजय बहादुर यादव व एक सिपाही समेत चार लोगों के खिलाफ मालखाने से शराब चुराकर बेचने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी दीवान फरार हो गया जिसका आज तक पुलिस पता नहीं लगा सकी है। इस मामले में पुलिस अफसरों का कहना है की वांछितों की तलाश में टीमें लगाई गई हैं। उनके हर संभावित ठिकाने पर दबिश दी जा रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। लॉक डाउन के दौरान कैसे भाग रहे आरोपी सवाल ये है कि लाकडाउन के दौरान जब चारों और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है, इसके बावजूद हत्या, लूट फायरिंग मामलों के आरोपी किस तरह भागने में कामयाब हो पा रहे हैं। कहा जा रहा है कि या तो पुलिस अपराधियों को पकड़ने को लेकर गंभीर नहीं है या लॉकडाउन के दौरान ड्यूटी में लापरवाही बरती जा रही है।