अर्द्ध कुंभ 2019 के लिए पुलिस ने व्यवस्थाओं का खाका तैयार करके शासन को भेज दिया है। जिसे बुधवार को पुलिस मुख्यालय में एडीजी वीपी जोगदंड की अध्यक्षता में आईजी और एसएसपी के साथ बैठक में अंतिम रूप दिया गया। कुंभ मेले के लिए खास बात यह है कि एक अरब रुपये के बजट में 65 करोड़ रुपये पलिस अधिकारियों के हॉस्टल और 2000 - 2000 सिपाहियों की दस बैरकों का निर्माण होगा। इन बैरकों का स्थाई निर्माण होने से कुंभ और हर साल माघ मेले के दौरान टेंट लगाने पर होने वाले खर्च से राहत मिल सकेगी।
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि अर्द्ध कुंभ मेले में प्रदेश भर से आने वाली पुलिस को ठहरने के लिए टेंट में व्यवस्था पर कई करोड़ रुपये खर्च होते रहे हैं। मेला समाप्ति पर टेंट उखड़ जाते हैं लेकिन इस बार स्थाई निर्माण का प्रस्ताव है। जो कि अर्द्ध कुंभ के साथ साथ हर साल माघ मेले के लिए काम आएगा। मेले को पूरी तरह से सीसी टीवी कैमरे की कैद रखने के उद्देश्य से दो हजार कैमरों की व्यवस्था की जा रही है। जिसमें दो सौ कैमरे संगम को आने वाले मार्ग पर लगेंगे। तीर्थ यात्रियों को ट्रैफिक तथा संगम तक जाने के लिए एलईडी स्क्रीन की व्यवस्था कराई जाएगी।
दूसरे शहरों से संगम पर आने वाले तीर्थ यात्रियों के लिए इलाहाबाद जंक्शन, प्रयाग, राम बाग, फाफामऊ, पुराना यमुना पुल, नया यमुना पुल, शास्त्री पुल तथा अन्य स्थानों पर ट्रैफिक की नए सिरे से व्यवस्था होगी। जिसमे ट्रैफिक लाइन, ड्रोन कैमरे आदि रहेंगे। संगम पर भी सुरक्षा के लिए ड्रोन कैमरे की व्यवस्था कराई जानी है। इसके लिए भी अतिरिक्त बजट मांगा गया है। मेला स्थल और शहर के विभिन्न स्थानों पर भीड़ नियंत्रित करने के लिए बड़े स्तर पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम को भी बजट मांगा गया है।