उत्तर प्रदेश पुलिस और पीएसी में चार हजार से अधिक उपनिरीक्षकों और प्लाटून कमांडेंट के लिए आयोजित लिखित परीक्षा में अनियमितता बरतने के मामले में हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। बहस मंगलवार को भी जारी रहेगी। परीक्षा में कुछ अभ्यर्थियों द्वारा ओएमआर शीट पर व्हाइटनर और ब्लेड का प्रयोग करने का आरोप है।
जबकि उत्तर पुस्तिका में लिखे नियमों में व्हाइटनर और ब्लेड के प्रयोग की मनाही थी। साकेत कुमार और अन्य द्वारा दाखिल याचिका में कहा गया है कि व्हाइटनर प्रयोग करने वाले अभ्यर्थियों की कॉंपियां न सिर्फ जांची गईं, बल्कि उनको नियुक्ति भी दे दी गई। इसी की आड़ में अपने चहेतों की कॉपियों में भी व्हाइटनर लगाकर उनके गलत उत्तरों को सही कर दिया गया।
याचिका पर न्यायमूर्ति बीके बिड़ला सुनवाई कर रहे हैं। पक्षकारों की ओर से बहस कर रहे अधिवक्ता गजेंद्र सिंह का कहना था कि भर्ती के लिए जारी विज्ञापन में व्हाइटनर लगाने वालों का अभ्यर्थन रद करने की बात नहीं थी। यह शर्त उत्तर पुस्तिका में दी गई थी, जबकि याचियों का कहना था कि उत्तर पुस्तिका में साफ निर्देश दिया है कि व्हाइटनर लगाने वालों की उत्तर पुस्तिका नहीं जांची जाएगी।