मेजा इलाके के एक शराब माफिया जज्जे शुक्ला के खिलाफ पुलिस ने रविवार को गैंगस्टर की कार्रवाई की। इसके बाद टीम लगाकर सोमवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। डीआईजी के निर्देश के बाद उस पर पंद्रह हजार का इनाम भी घोषित किया गया था। पुलिस ने शराब माफिया के सात गुर्गों को भी आरोपी बनाया है।
परानीपुर गांव निवासी वीरेंद्र उर्फ जज्जे शुक्ला को पुलिस ने शराब माफिया घोषित कर रखा है। पंद्रह हजार के इनामी जज्जे के खिलाफ मेजा थाने में गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई। इंस्पेक्टर मेजा अरूण चतुर्वेदी ने बताया कि उसे सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके सात गुर्गे विकास उर्फ बोस शुक्ला, दिलीप सोनकर, सुनील सोनकर, अमीन सोनकर, पवन सोनकर, जिलाजीत भारतीया, राकेश निषाद को मामले में सह अभियुक्त बनाया गया है। जज्जे शुक्ला के विरुद्घ पूर्व में भी आबकारी अधिनियम समेत दर्जन भर गंभीर धाराओं में केस दर्ज है।
जज्जे लगातार आपराधिक गतिविधियों में लिप्त था। जिसके बाद कार्रवाई और गिरफ्तारी की गई। अवैध शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। सौरभ दीक्षित, एसपी यमुनापार
राजनीतिक रसूख के कारण बचता रहा माफिया
मेजा का चर्चित शराब माफिया जज्जे शुक्ला के खिलाफ हुई गैंगस्टर की कार्रवाई चर्चा का विषय है। इसके पहले भी कई बार पुलिस ने कोशिश की थी लेकिन नेताओं के दबाव में कदम पीछे करना पड़ा था। डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी के निर्देश पर उसे पंद्रह हजार का इनामी भी बनाया गया है। लोगों का मानना है कि
उसके अवैध कारनामों के पैमाने इतने बड़े थे कि यह कार्रवाई पहले ही हो जानी चाहिए थी । कहा जा रहा है कि हमेशा से वह कुछ बड़े नेताओं का करीबी रहा और वही उसकी मदद करते थे। जिसके कारण कई बार उसका माल तो पकड़ा गया लेकिन वह बच जाता था।