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जहरीली टॉफी से मौत का मामला : साजिश थी राज कुमार का वंश नाश करने की, शिकार हो गईं चार मासूम

Fri, 18 Aug 2023 06:52 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी

सार

सौरईं बुजुर्ग निवासी अधिवक्ता राज कुमार के तीन बच्चे हैं। इनमें सबसे बड़ा बेटा कपिल मुनि (12), फिर दूसरे नंबर पर बेटी प्रतिभा (12) और तीसरे नंबर पर बेटी वर्षा (8) है। बृहस्पतिवार की सुबह वर्षा को अपने घर की छत पर एक टॉफी मिली थी।
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टॉफी खाने से बच्चियों की मौत के बाद जांच करने पहुंचे सीओ। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कड़ाधाम थाना क्षेत्र के सौरईं बुजुर्ग में जहरीली टॉफी खाने से दो बच्चियों की मौत और दो के बीमार होने का मामला कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि एक परिवार का वंश नाश करने के लिए रची गई साजिश थी। यह कुचक्र राजकुमार के इकलौते बेटे को मार कर उसके घर का चिराग बुझाने के लिए रचा गया था, जिसका शिकार राजकुमार की बेटी के साथ तीन और मासूम बच्चियां हो गईं।

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सौरईं बुजुर्ग निवासी अधिवक्ता राज कुमार के तीन बच्चे हैं। इनमें सबसे बड़ा बेटा कपिल मुनि (12), फिर दूसरे नंबर पर बेटी प्रतिभा (12) और तीसरे नंबर पर बेटी वर्षा (8) है। बृहस्पतिवार की सुबह वर्षा को अपने घर की छत पर एक टॉफी मिली थी, जिसे उसने अपनी तीन चचेरी बहनों आरुषि (4), साधना (8) और शालिनी (7) के साथ् मिलकर खाया था। टॉफी में जहर मिला हुआ था, जिसकी वजह से सगी बहनों साधना और शालिनी की मौत हो गई। जबकि, वर्षा और आरुषि का प्रयागराज में इलाज चल रहा है।

मामले में राजकुमार के पड़ोसी झोलाछाप शिवशंकर को नामजद किया गया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी को शिकंजे में लेकर जब खाकी ने शिकंजा कसा तो उसने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है। पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई कि आरोपी ने राजकुमार के इकलौते बेटे कपिलमुनि की हत्या की साजिश रची थी। ताकि, उसका वंश ही नाश हो जाए। उसे मारने के लिए ही टॉफी में जहर मिलाकर उसकी छत पर फेंका था। उसका मानना था कि, कपिलमुनि उसे खाएगा और उसकी मौत हो जाएगी, लेकिन वह जहरीली टॉफी कपिल की बहन वर्षा के हाथ लग गई।

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कपिल बच न जाए, इसलिए मिलाए थे कई जहर

पुलिस सूत्रों का कहना है कि स्नातक की पढ़ाई करने बाद आरोपी शिवशंकर झोलाछाप बन गया। न कहीं कोई क्लीनिक न दुकान। घर-घर जाकर लोगों का इलाज करता है। लंबे समय से इस पेशे से जुड़े होने के कारण उसे दवाओं को केमिकल की काफी जानकारी हो गई। इसीलिए टॉफी में चूहा मारने वाली दवा के साथ अन्य कई जहरीले केमिकल भी मिलाए। ताकि, उसे खाने वाले की मौत तय हो सके।

अक्सर कहता था, एक गोली खिलाऊंगा सब निपट जाएंगे

मामले की छानबीन के बाद पुलिस को यह भी पता चला कि झोलाझाप अक्सर नशे की हालत में गाली-गलौज करता था। आए दिन वह यह कहता रहता था कि एक गोली खिलाऊंगा तो सब निपट जाएंगे। घटना में सिर्फ आरोपी ही नहीं, देवीगंज स्थित उस मेडिकल स्टोर का संचालक भी पुलिस के निशाने पर है, जहां से आरोपी दवाएं खरीदता था। सूत्रों का कहना है कि मेडिकल स्टोर संचालक से भी पूछताछ की जा रही है।

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खुद को जोखिम में डालकर बचा ली भाई की जान

घटना के बाद से गांव में मातम का माहौल है। आरोपी की रची साजिश का पता चलने के बाद ग्रामीण यही कह रहे हैं कि वर्षा ने नादानी में जहरीली टॉफी खाकर अपने भाई के सिर पर आई मौत को खुद गले लगा लिया। टॉफी चार बच्चों ने बांटकर खाई थी। कहीं अकेले खाई होती तो उसका बचना नामुमकिन था।

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