कपिल बच न जाए, इसलिए मिलाए थे कई जहर
पुलिस सूत्रों का कहना है कि स्नातक की पढ़ाई करने बाद आरोपी शिवशंकर झोलाछाप बन गया। न कहीं कोई क्लीनिक न दुकान। घर-घर जाकर लोगों का इलाज करता है। लंबे समय से इस पेशे से जुड़े होने के कारण उसे दवाओं को केमिकल की काफी जानकारी हो गई। इसीलिए टॉफी में चूहा मारने वाली दवा के साथ अन्य कई जहरीले केमिकल भी मिलाए। ताकि, उसे खाने वाले की मौत तय हो सके।
अक्सर कहता था, एक गोली खिलाऊंगा सब निपट जाएंगे
मामले की छानबीन के बाद पुलिस को यह भी पता चला कि झोलाझाप अक्सर नशे की हालत में गाली-गलौज करता था। आए दिन वह यह कहता रहता था कि एक गोली खिलाऊंगा तो सब निपट जाएंगे। घटना में सिर्फ आरोपी ही नहीं, देवीगंज स्थित उस मेडिकल स्टोर का संचालक भी पुलिस के निशाने पर है, जहां से आरोपी दवाएं खरीदता था। सूत्रों का कहना है कि मेडिकल स्टोर संचालक से भी पूछताछ की जा रही है।
खुद को जोखिम में डालकर बचा ली भाई की जान
घटना के बाद से गांव में मातम का माहौल है। आरोपी की रची साजिश का पता चलने के बाद ग्रामीण यही कह रहे हैं कि वर्षा ने नादानी में जहरीली टॉफी खाकर अपने भाई के सिर पर आई मौत को खुद गले लगा लिया। टॉफी चार बच्चों ने बांटकर खाई थी। कहीं अकेले खाई होती तो उसका बचना नामुमकिन था।