पीएम मोदी अक्षयवट के दर्शन करते हुए
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को लंबे अरसे से अकबर के किले में आस्था के प्रतीक स्थलों को खोलने की घोषणा की। कुंभ से पहले प्रयागराज पहुंचे पीएम ने देश के करोड़ों सनातनधर्मियों की श्रद्धा भावना से जुड़े अक्षयवट तीर्थ को आम जनता के दर्शन के लिए खोलने का एलान किया। उन्होंने कहा कि अब त्रिवेणी में स्नान के साथ ही श्रद्धालु अक्षय वट के दर्शन कर सकेंगे। साथ ही सरस्वती कूप को भी उन्होंने खोलने की घोषणा की।
झूंसी (अंदावा) स्थित संत निरंकारी सत्संग परिसर में प्रधानमंत्री ने अर्द्धकुंभ-2019 के धार्मिक, पौराणिक, सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया। कहा कि त्याग, तपस्या और संस्कृति की प्रयागराज की पावन धरती पर दिव्य एवं भव्य कुंभ विश्व की मानवता के लिए अद्वितीय होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुंभ भारत एवं भारतीयता का परिचायक है।
उन्होंने कहा कि अर्द्धकुंभ सिर्फ करोड़ों लोगों के संपर्क-संवाद से ही नहीं जुड़ेगा, हमारे देश को शिखर पर ले जाएगा। करोड़ों विचारों का संगम भारत को समृद्ध बनाएगा। यह पर्व एक होने की प्रेरणा देता है। एक भारत -श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना कुंभ से चरितार्थ होगी। यहां आने वाले हर अतिथि का ख्याल रखने पर उन्होंने जोर दिया। कहा कि यूपी सरकार के साथ मिलकर केंद्र सरकार इसे दिव्य और दर्शनीय बनाने में जुटी है। इस कुंभ का गौरवशाली अवसर दुनिया को देखने के लिए मिलेगा।
अक्षयवट की जड़ें गहरी, पीएम ने लगाया ध्यान
प्रधानमंत्री ने रविवार को अंदावा में प्रयागराज के प्रभाव और अक्षयवट की महिमा का बखान किया। उन्होंने गोस्वामी तुलसी दास की चौपाई पढ़ी कि- को कहि सकै प्रयाग प्रभाऊ...। उन्होंने कहा कि यह भूमि रघुकुल के राम से जुड़ी है। इसकी महिमा अपार है। पीएम ने अक्षयवट की जड़ों को भी रेखांकित किया। कहा कि अक्षय वट अपनी गहरी जड़ों के कारण बार-बार नष्ट होने के बाद भी पुष्पित-पल्लवित होता रहा है, लेकिन यह कई पीढ़ियों से अक्षयवट किले में बंद था। आज मैं खुद इसके दर्शन कर आया हूं। इससे पहले पीएम ने किले में स्थित अक्षय वट के दर्शन के लिए पहुंचे थे। वहां उन्होंने किले के अंदर स्थापित अन्य देवी-देवताओं का दर्शन-पूजन किया।
प्रधानमंत्री ने वहां पर मौजूद सेना के अधिकारियों से कुंभ की तैयारियों के संदर्भ में जानकारी ली। कुछ समय पवित्र अक्षयवट वृक्ष के नीचे बैठकर ध्यान किया। वहां पर मौजूद सेना के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को अक्षयवट वृक्ष के पत्तों का बना प्रतीक चिह्न भेंट किया।