इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म और धमकाने केमामले में हाथरस के सिकंदराराव थाने में दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने हाथरस पुलिस अधीक्षक को नाबालिग की सुरक्षा का निर्देश दिया है। कहा कि अगर कोई दिक्कत होगी तो वह खुद तुरंत कार्रवाई करेंगे। अगर कोई बात होती है तो कोर्ट में उनकी जवाबदेही होगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने प्रमोद कुमार व दो अन्य की ओर से दाखिल याचिका पर दिया है। याची की ओर से तर्क दिया गया कि नाबालिग के परिवारीजन से दीवानी विवाद है। इसलिए उसे जानबूझकर फंसाया गया है। सरकारी अधिवक्ता ने याची की मांग का विरोध किया। कहा कि पीडि़ता ने अपने बयान से प्रथम दृष्टïया मामला बन रहा है। कोर्ट ने परिस्थितियों को देखते हुए याचिका खारिज कर दी।