एग्जिट पोल के नतीजों के बीच ज्योतिषीय ग्रहों की गणना में संगमनगरी की दोनों लोक सभा सीटें भाजपा के खाते में जाती दिख रही हैं। रविवार को भाजपा व सपा-बसपा गठबंधन की कुंडली के मिलान के आधार पर निकले ज्योतिषीय परिणाम के मुताबिक इलाहबाद सीट से डॉ. रीता जोशी न सिर्फ जीत दर्ज करेंगी, बल्कि ग्रहों की युति से केंद्रीय मंत्रिमंडल में उन्हें जगह भी मिल सकती है। जबकि, सपा-बसपा गठबंधन की कुंडली में लग्नेश और चंद्रमा के विषम भाव साझा लक्ष्य साधने में रोड़ा बनकर खड़े हैं।
भाजपा और रीता बहुगुणा की कुंडली में ग्रहों की साम्यता है। इन दोनों की कुंडली में रोहिणी नक्षत्र का चंद्र वर्गोत्तम स्थिति में है। साथ ही रीता की कुंडली में राजयोगकारी बुध ग्रह भी वर्गोत्तम है। इसके अलावा मौजूदा समय गोचर व बृहस्पति भी शुभ स्थिति में विराजमान हैं। इससे इनके भाग्य में इलाहाबाद सीट पर विजयश्री के साथ ही केंद्रीय मंत्री पद मिलने के भी योग बन रहे हैं। इसी तरह प्रश्न कुंडली के आधार पर प्रबल ग्रहों की युति से केशरी देवी के आगे भी विरोधी दल नहीं टिकेंगे। इनकी कुंडली में ग्रहों की स्थिति अनुकूल योग बना रही है।
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ज्योतिषाचार्य डॉ. ब्रजेंद्र मिश्र ने ग्रहों की चाल व ज्योतिष गणना के आधार पर इलाहाबाद और फूलपुर सीटों पर कमल खिलने का दावा किया है। उनके अनुसार सपा-बसपा गठबंधन को जनाधार में तो फायदा होगा, लेकिन 12 वें घर में लग्नेश और चंद्रमा दोनों की युति यह दर्शाती है कि दोनों सहयोगी दलों के बीच बेहतर सामंजस्य नहीं होने से सफलता नहीं हासिल होगी। गठबंधन के नेताओं के बीच अपेक्षाओं या आपसी समझ की कमी से दोनों सीटों पर नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
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ज्योतिषी त्रिवेणी प्रसाद त्रिपाठी और डॉ. विपिन पांडेय के अनुसार गठबंधन के पहले और सातवें भाव के स्वामी मंगल और शुक्र एक-दूसरे से त्रिकोण में हैं। ऐसे में सपा-बसपा गठबंधन धर्म के निर्वाह में सामान्य तौर पर भले दिखाई दिए हों, लेकिन दोनों ग्रहों के आठवें और 12 वें स्थान पर स्थापित होने के कारण गठबंधन धर्म को कामयाब बनाने में इन सीटों पर भरोसे और विश्वास की कमी बनी रहेगी। इस कारण गणबंधन के उम्मीदवार इन सीटों पर लक्ष्य हासि करने में समर्थ नहीं हो सकेंगे। सूर्य-शनि-बुध की युति से अनुकूलता में कमी के भी संकेत हैं।