इलाहाबाद। विवादित फिल्म पीके के अभिनेता आमिर खान, निर्देशक राजकुमार हीरानी, निर्माता विधू विनोद चोपड़ा तथा केंद्रीय फिल्म सेंसर बोर्ड की चेयरमैन लीला सैमसन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर अदालत में अर्जी दी गई है। प्रार्थनापत्र में आरोप लगाया गया है कि फिल्म के अभिनेता आमिर खान ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की शह पर एक सोची समझी साजिश के तहत हिंदू धर्म को नीचा दिखाने और बदनाम करने की नीयत से फिल्म बनाई। यह भी आरोप है कि फिल्म के लिए आईएसआई से पैसा भी लिया गया। प्रार्थनापत्र हाईकोर्ट के अधिवक्ता सुशील मिश्र ने दाखिल किया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट नीलिमा सिंह ने इसे परिवाद के तौर पर रजिस्टर में दर्ज करते हुए वादी के बयान हेतु 10 फरवरी की तिथि नियत की है।
प्रार्थनापत्र पर पक्ष रख रहे अधिवक्ता अम्बिकेश्वर मिश्र का कहना है कि पीके फिल्म में हिंदू मान्यताओं और देवी देवताओं पर तमाम आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं। हिंदू धर्म की कुरीतियों को इस प्रकार से बढ़ा चढ़ाकर दिखाया गया है, जिससे देश की एकता, अखंडता तथा सांप्रदायिक सौहार्द का वातावरण बिगड़े। जबकि दूसरे धर्म की तमाम कुरीतियों पर कोई टिप्पणी नहीं है।
फिल्म में हिंदू देवी देवताओं तथा संतों के अस्तित्व को नकारने का प्रयास किया गया है। जो तर्क हिंदू मान्यताओं के खिलाफ दिए गए हैं वही तर्क दूसरे धर्म पर लागू करने पर तमाम कुरीतियां सामने आएंगी मगर उनके संबंध में फिल्म मौन है। प्रार्थनापत्र में यह भी आरोप है कि अभिनेता आमिर खान ने आईएसआई के प्रभाव में उससे रुपये लेकर भारत की एकता और अखंडता को तोड़ने की नीयत तथा हिंदू देवी देवताओं की मान्यता को आघात पहुंचाने के पूर्व नियोजित इरादे से काम किया है। परिवाद पर 10 फरवरी को सुनवाई होगी।