इलाहाबाद का नाम प्रयागराज किये जाने के खिलाफ सोमवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। इस याचिका में उत्तर प्रदेश सरकार और जिला अधिकारी को पार्टी बनाया गया है।
यह याचिका वरिष्ठ अधिवक्ता रवि किरन जैन, उमेश नारायण शर्मा, सैयद फरमान नकवी, केके राय, दिबा सिद्दीकी, स्मृति कार्तिकेयन, एस फैजान अहमद, जफर अहमद समेत 13 लोगों ने दाखिल की है। याचिका दायर करने वालों में समाज के कई तबकों के लोग शामिल हैं।
याचिका दायर करने वालों ने इलाहाबाद की जनता से उन्हे सहयोग करने की गुजारिश की है और आग्रह किया गया है कि इलाहाबाद के ऐतिहासिक नाम को बचाए रखने की इस मुहिम में जनता शामिल हो।
याचिकाकर्ता जावेद मोहमम्द का आरोप है कि योगी हुकूमत केवल साम्प्रदायिकता के आधार पर काम कर रही है और प्रयाग जहां पर रहा है, आज भी है। दावा किया गया है कि प्रयाग रेलवे स्टेशन भी उसी जगह स्थित है। उसका अपना महत्व है।