इलाहाबाद(ब्यूरो)। महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार की ओर से ढेरों योजनाएं संचालित की जा रही हैं। अब भारत निर्वाचन आयोग ने भी वोटर लिस्ट में महिलाओं की स्थिति सशक्त करने के लिए दिशा-निर्देश दिए हैं। आयोग का कहना है कि जिले की आबादी में पुरुषों और महिलाओं की जनसंख्या में जो अनुपात है, वही वोटर लिस्ट में भी होना चाहिए। इलाहाबाद इस मामले में काफी पीछे है। यहां आबादी के मुकाबले वोटर लिस्ट में जेंडर रेशियो बिल्कुल अलग है। पुरुषों के मुकाबले महिला वोटरों की संख्या काफी कम है।
हालांकि इस कमी को दूर करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर विशेष अभियान शुरू किया गया है, लेकिन ऐसे अभियान पहले भी चलाए जा चुके हैं, पर कोई सुधार नहीं हुआ। इलाहाबाद की आबादी में महिलाओं की संख्या प्रति एक हजार पुरुषों के मुकाबले 902 है जबकि वोटर लिस्ट में इस रेशियो में बड़ा अंतर है। वोटर लिस्ट में प्रति एक हजार पुरुषों के मुकाबले महिला वोटरों की संख्या सिर्फ 805 है। विधानसभावार बात करें तो मेजा में जेंडर रेशियो सबसे खराब है। वहां प्रति एक हजार पुरुष वोटरों के मुकाबले महिला वोटरों की संख्या 673 हैं। वहीं, सोरांव में रेशियो की स्थिति सबसे बेहतर है। सोरांव में प्रति एक हजार पुरुष वोटरों के मुकाबले महिलाओं की संख्या 826 है। हालांकि जिले की जनंसख्या के अनुरूप सोरांव विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में भी जेंडर रेशियो ठीक नहीं है। जेंडर रेशियो में सुधार के लिए विशेष अभियान 31 अक्तूबर तक चलेगा। अफसरों को उम्मीद है कि अभियान पूरा होने के बाद इसमें सुधार होगा।
जिले में कुल वोटर-4282984
पुरुष वोटर-्2371703
महिला वोटर-1910850
अन्य वोटर-431