फूलपुर संसदीय सीट के नामांकन 16 अप्रैल से शुरू हो जाएगा, लेकिन विश्व की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा जिले में अब तक इस सीट से प्रत्याशी का चयन नहीं कर सकी है। जबकि इस सीट से 13 दिन बाद नामांकन शुरू हो जाएगा। चर्चा इस बात की है कि भाजपा अभी सपा-बसपा गठबंधन के उम्मीदवार घोषित होने का इंतजार कर रही है। इस बीच बुधवार को भी रायबरेली, आजमगढ़ आदि सीटों के लिए पार्टी प्रत्याशियों के नाम घोषित किए गए, लेकिन इसमें फूलपुर के उम्मीदवार का नाम नहीं था, जबकि इस बात की पूरी उम्मीद थी कि आज पार्टी इस सीट से प्रत्याशी का नाम घोषित कर देगी।
पिछले सप्ताह मंगलवार 26 मार्च को ही पार्टी ने सूबे की कैबिनेट मंत्री डा. रीता बहुगुणा जोशी को इलाहाबाद संसदीय सीट से उम्मीदवार घोषित किया था। लंबे समय बाद इलाहाबाद संसदीय सीट में यह पहला मौका है कि जब भाजपा ने अन्य बड़े दल के मुकाबले अपना प्रत्याशी पहले घोषित कर दिया। इलाहाबाद संसदीय सीट से प्रत्याशी घोषित करने के बाद आठवें दिन भी पार्टी के नेता एवं पदाधिकारी फूलपुर संसदीय सीट से पार्टी प्रत्याशी के नाम की घोषणा का इंतजार करते रहे। बताया जा रहा है कि पिछले उपचुनाव में डिप्टी सीएम केशव की इस सीट से पार्टी प्रत्याशी को हार मिली थी। इस हार को देखते हुए पार्टी अब तक तय नहीं कर सकी है कि इस लोकसभा से किसे खड़ा किया जाए।
पार्टी की निगाह सपा और कांग्रेस प्रत्याशी पर भी टिकी हुई है। इन दोनों पार्टी द्वारा प्रत्याशी घोषित करने के बाद ही भाजपा तमाम समीकरणों को ध्यान में रखते हुए अपने उम्मीदवार का नाम जारी कर सकती है। पार्टी के अंदरखाने में चर्चा इस बात की है इस सीट से पिछड़ी जाति के नेता को ही उम्मीदवार बनाया जाएगा। वैसे अभी इस सीट से डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, उनके पुत्र योगेश मौर्य, कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष केशरी देवी पटेल, विधायक प्रवीण पटेल और उनकी पत्नी गोल्डी पटेल, विक्रम सिंह पटेल, प्रदीप श्रीवास्तव आदि के नाम उनके समर्थकों द्वारा पेश किए जा रहे हैं।